महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम: किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 की पहली सूची जारी; DBT से सीधे खाते में आएगी राहत

Maharashtra Farmers Loan Waiver: पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 की पहली सूची जारी। आधार प्रमाणीकरण के बाद पात्र किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी कर्ज राहत राशि।
Maharashtra Govt releases the first beneficiary list under the Ahilyadevi Holkar Loan Waiver Scheme 2026; relief funds to be credited via direct DBT.
किसान कर्जमुक्ति योजना (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Farmer Loan Waiver 2026: मुंबई में बेमौसम की मार के कारण बैंकों के कर्जदार हुए किसानों को राहत प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कर्ज के कारण बेजार हुए किसानों की कर्जमाफी सरकार ने शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना 2026 के तहत पात्र लाभार्थी किसानों की पहली सूची बुधवार को जारी कर दी।

पहले चरण में राज्य के 7 जिलों के 533 किसानों का चयन किया गया है। आधार प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद इन किसानों के ऋण खातों में डीबीटी के माध्यम से योजना का लाभ सीधे जमा किया जाएगा, सरकार की यह सराहनीय पहल, राज्य में खुदकुशी को मजबूर हो रहे किसानों के प्राणों की रक्षा में मददगार सिद्ध होगी।

एसएमएस से मिलेगा आधार सत्यापन का संदेश

पहली सूची में शामिल किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजकर आधार प्रमाणीकरण के लिए सूचित किया जाएगा। ग्राम पंचायत, सबंधित सहकारी संस्था और बैंक शाखाओं में भी लाभार्थियों की सूची उपलब्ध रहेगी। किसानों को आधार संख्या या दिए गए विशेष पहचान क्रमांक के माध्यम से प्रमाणीकरण करना होगा।

53 बैंकों के आंकड़ों के आधार पर तैयार हुई सूची

2 जून 2026 को मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद योजना लागू की गई थी और 15 जुलाई को इसके कुछ पात्रता मानदंडों में संशोधन किया गया। योजना के लिए 30 जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, 12 राष्ट्रीयकृत बैंक तथा अन्य निजी बैंकों सहित कुल 53 बैंकों ने किसानों के ऋण खातों की जानकारी महाआईटी के पोर्टल पर अपलोड की। सभी पात्रता और अपात्रता संबंधी जानकारी का सत्यापन करने के बाद लाभार्थियों की सूची तैयार की गई।

31 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य

सरकार ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से जुड़े पात्र किसानों की प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य पात्र किसानों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना आर्थिक संकट और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि वे कर्ज के बोझ से बाहर निकलकर खेती-किसानी को मजबूती से आगे बढ़ा सकें।

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