'देवाभाऊ' ने दी महा कर्जमाफी, चुनाव के बाद मिलेगा लाभ, 56 लाख किसानों को मिलेगी राहत

Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना' को मंजूरी दे दी है। 56 लाख किसानों को राहत मिलेगी।
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Devendra Fadnavis (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Maharashtra Farmer Loan Waiver: 'देवाभाऊ' के उपनाम से लोकप्रिय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अन्नदाता किसानों को 'महा कर्जमाफी' का तोहफा दिया है। मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना' को मंजूरी दे दी गई, हालांकि विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के कारण इसकी आधिकारिक घोषणा चुनाव के बाद ही होगी। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में राज्य के 36 जिलों के लगभग 56 लाख किसानों के दो लाख रुपए तक के कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया।

इस योजना के दायरे में 65 लाख से अधिक ऋण खाते आएंगे और सरकार पर करीब 36 हजार 585 करोड़ रुपए का वित्तीय भार पड़ेगा। यह महायुति गठबंधन का 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले किया गया प्रमुख वादा था, जिसे अब पूरा किया गया है। लेकिन मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बावजूद योजना की सार्वजनिक घोषणा अभी नहीं की गई है, क्योंकि विधान परिषद चुनाव के चलते आचार संहिता लागू है। चुनाव आयोग के नियमों के तहत आचार संहिता के दौरान सरकार बड़े नीतिगत फैसलों की सार्वजनिक घोषणा नहीं कर सकती।

नियमित कर्ज चुकाने वालों को बोनस

सरकार ने केवल बकाएदार किसानों को ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को भी 50 हजार रुपए तक का प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। योजना में 30 सितंबर 2025 तक के बकाया कृषि ऋण शामिल किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य जून के अंत तक कर्जमाफी की राशि किसानों के खातों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने का है। कर्जमाफी के लिए पात्रता के मापदंडों को पिछली सफल योजनाओं की तरह ही सरल और पारदर्शी रखा जा रहा है ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंच सके।

कृषि संकट के बीच ऐतिहासिक फैसला

महाराष्ट्र लंबे समय से किसान आत्महत्याओं और कृषि संकट की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में यह निर्णय किसानों और विभिन्न किसान संगठनों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को इस योजना से आर्थिक राहत मिलने और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आने की उम्मीद है।

पात्रता मानदंड और कर्ज मुक्ति का स्वरूप

इस योजना के अंतर्गत 30 सितंबर 2025 तक के बकाया कृषि ऋणों को शामिल किया गया है, जिसमें कर्ज मुक्ति, वन टाईम सेटलमेंट और प्रोत्साहनपर लाभ के तीन घटक होंगे। दो लाख रुपए से कम कर्ज वाले किसान पूरी तरह कर्ज मुक्त होंगे। हालांकि, राजनीतिक पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, आयकर पात्र व्यक्ति और सहकारी संस्थाओं के 25 हजार रुपए से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी इस कर्जमाफी के लिए पात्र नहीं होंगे।

वनटाईम सेटलमेंट और प्रोत्साहनपर लाभ

जिन किसानों का कर्ज दो लाख रुपए से अधिक है, उन्हें 'वन टाईम सेटलमेंट' के तहत दो लाख से ऊपर की बकाया राशि 31 मार्च 2027 तक बैंक में जमा करनी होगी, जिसके बाद शासन उनके खाते में दो लाख रुपए जमा करेगा। इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले ईमानदार किसानों को प्रोत्साहन के रूप में अधिकतम 50 हजार रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य जून महीने के अंत तक राहत राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर करने का है, जो गंभीर कृषि संकट और आत्महत्याओं के बीच जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्र के लिए संजीवनी साबित होगी।

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