

महाराष्ट्र सरकार पर ठेकेदारों के ₹96 हजार करोड़ बकाया होने का दावा।
भुगतान की मांग पर 19 अक्टूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन।
10 महीने में 9 ठेकेदारों की आत्महत्या का मिलिंद भोसले का दावा।
Maharashtra Contractor Crisis: महाराष्ट्र में सरकारी ठेकों का भुगतान लंबित होने का मुद्दा गरमा गया है। महाराष्ट्र एसोसिएशन के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया है कि राज्य सरकार के पास ठेकेदारों के करीब 96 हजार करोड़ रुपये बकाया हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान जारी करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बकाया राशि की मांग को लेकर ठेकेदारों ने 19 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
मिलिंद भोसले के अनुसार, कई ठेकेदार पिछले दो वर्षों से अपने बिलों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबित रकम के कारण ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। भोसले ने महायुति सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप भी लगाया।
भोसले ने दावा किया कि आर्थिक दबाव के कारण पिछले 10 महीनों में नौ ठेकेदारों ने आत्महत्या की है। उन्होंने लंबित बिलों और अधिकारियों की कथित मनमानी को इसकी वजह बताया। हालांकि, इन मामलों के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
महाराष्ट्र स्टेट कॉन्ट्रैक्टर्स फेडरेशन, स्टेट इंजीनियर्स एसोसिएशन और महाराष्ट्र स्टेट वॉटर सप्लाई कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और लोक निर्माण, जल जीवन मिशन, जनजातीय विकास तथा ग्रामीण विकास विभागों के मंत्रियों के समक्ष अपनी मांगें रखी थीं। संगठनों का आरोप है कि इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई और बैठक भी नहीं बुलाई गई।
भोसले ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति घोषित होने के बाद ठेकेदारों को बकाया राशि मिलने की उम्मीद और कम हो गई है। उनके मुताबिक, अब आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
बकाया भुगतान का मुद्दा उठाने के लिए ठेकेदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। भोसले के अनुसार, राहुल गांधी ने ठेकेदारों को न्याय दिलाने की कोशिश करने का आश्वासन दिया।
अब ठेकेदार 19 अक्टूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर सरकार से लंबित बिलों का भुगतान जारी करने की मांग करेंगे।