महाराष्ट्र में कोचिंग क्लासेस नियमन विधेयक पर बढ़ी हलचल, संचालकों ने मंत्री पंकज भोयर के सामने रखीं मांगें

Maharashtra Coaching Classes Regulation Bill: प्रस्तावित कोचिंग क्लासेस नियमन विधेयक पर संचालकों के प्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री पंकज भोयर से मुलाकात कर अपनी चिंताएं, मांगें और संशोधन संबंधी सुझाव रखे।
Maharashtra Coaching Classes Regulation Bill Pankaj Bhoyar Meeting
कोचिंग क्लासेस संचालक संगठन ने मंत्री पंकज भोयर से मुलाकात की(फोटो नवभारत)
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Highlights

  • टारगेट पब्लिकेशन्स ने विभिन्न संचालक संगठनों को एक मंच पर लाने की पहल की।

  • प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों और व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा हुई।

  • संचालकों ने कानून में जरूरी संशोधनों के सुझाव दिए।

Pankaj Bhoyar Meeting: प्रस्तावित कोचिंग क्लासेस नियमन विधेयक को लेकर महाराष्ट्र में शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के संचालकों ने अपनी चिंताओं और मांगों को शासन तक पहुंचाने की पहल की है।

गुरुवार को टारगेट पब्लिकेशन्स की पहल पर विभिन्न कोचिंग क्लासेस संचालक संगठनों के प्रतिनिधियों की राज्यमंत्री पंकज भोयर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित विधेयक के विभिन्न प्रावधानों, संभावित व्यावहारिक कठिनाइयों और आवश्यक संशोधनों पर विस्तार से चर्चा हुई।

सरकार समझे जमीनी हकीकत

बैठक में कोचिंग क्लासेस संचालक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री पंकज भोयर के सामने प्रस्तावित नियमन विधेयक को लेकर अपनी चिंताएं, आपत्तियां और सुझाव रखे। प्रतिनिधियों ने कहा कि कानून तैयार करते समय कोचिंग संस्थानों की वास्तविक परिस्थितियों और उनके रोजमर्रा के संचालन में आने वाली चुनौतियों को समझना जरूरी है।

उन्होंने जोर दिया कि सभी संस्थानों पर नियम लागू करने से पहले शैक्षणिक क्षेत्र की जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और अलग-अलग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर विचार किया जाना चाहिए। प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि प्रस्तावित कोचिंग क्लासेस नियमन विधेयक बनाते समय विद्यार्थियों के हितों और संस्थानों की व्यावहारिक जरूरतों के बीच संतुलन रखा जाए।

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उन्होंने कहा कि कानून के प्रावधान ऐसे होने चाहिए, जिनका पालन करना संस्थानों के लिए संभव हो और शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों। संचालकों ने जोर दिया कि नियम तय करने से पहले कोचिंग संस्थानों के संचालन, उपलब्ध संसाधनों और रोजमर्रा की चुनौतियों को समझा जाए। उन्होंने प्रस्तावित विधेयक में जरूरी संशोधनों पर गंभीरता से विचार करने तथा संबंधित पक्षों के सुझावों को शामिल करने का आग्रह किया, ताकि कानून प्रभावी और व्यावहारिक बन सके।

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टारगेट पब्लिकेशन्स की पहल

इस बैठक में टारगेट पब्लिकेशन्स की भूमिका को महत्वपूर्ण रही, जिसने विभिन्न कोचिंग क्लासेस संचालक संगठनों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर उपलब्ध कराया। प्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री पंकज भोयर द्वारा समय देकर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनने के लिए आभार व्यक्त किया।