महाराष्ट्र क्लीनिकल संस्थान विधेयक पर घमासान, 6 हजार सुझाव-आपत्तियों की 21 सदस्यीय समिति कर रही समीक्षा

Maharashtra Health News: महाराष्ट्र क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट बिल के मसौदे पर मिलीं 6 हजार आपत्तियों की जांच संयुक्त चयन समिति कर रही है। दिसंबर के शीतकालीन सत्र में रिपोर्ट पेश की जाएगी।
Maharashtra Clinical Establishment Bill: Scrutiny of 6,000 suggestions underway
महाराष्ट्र क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट बिल, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Maharashtra Clinical Establishments Bill: महाराष्ट्र क्लीनिकल संस्थान विधेयक के मसौदे पर करीब 6 हजार सुझाव और आपत्तियां मिली हैं। इन सभी की जांच 21 सदस्यीय संयुक्त चयन समिति कर रही है। समिति में विभिन्न दलों के विधायक शामिल हैं। विधानसभा के मॉनसून सत्र में विधेयक पेश किए जाने के बाद सुझाव और आपत्तियां मंगाई गई थीं।

समिति की रिपोर्ट दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। समिति ने अब तक डॉक्टरों, चिकित्सालयों, अस्पतालों और रोग जांच प्रयोगशालाओं से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की है।

रिपोर्ट तैयार करने से पहले अलग-अलग पक्षों के साथ पांच से छह और बैठकें होने की संभावना है। समिति विधेयक के सभी 52 प्रावधानों पर विचार करेगी। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण, नियमन, निरीक्षण और मानकों के लिए एक व्यापक व्यवस्था तैयार करना है।

इसके तहत सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों का राज्य के अधिकारियों के पास पंजीकरण अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

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संस्थानों के लिए छूट और स्पष्ट नियमों की मांग

5 अगस्त को हुई पहली बैठक में कई संगठनों ने पंजीकरण के लिए तय जगह और अन्य मानकों पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि मुंबई शहर जैसे सीमित जगह वाले शहरों में कई छोटे चिकित्सालय और प्रसूति गृह कम जगह में संचालित होते हैं।

ऐसे संस्थानों के लिए छूट और स्पष्ट नियमों की मांग की गई है। इलाज की दर, डॉक्टरों के नाम और उनके पारिश्रमिक को सार्वजनिक करने से जुड़े प्रावधानों पर भी चिंता जताई गई। कुछ संगठनों को आशंका है कि कड़े दंड के कारण स्वास्थ्य संस्थानों पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है।

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