

जरांगे पाटिल की ₹500 करोड़ वाली ऑडियो क्लिप पर शिंदे गुट के मंत्रियों में नाराजगी।
कैबिनेट बैठक में भाजपा नेताओं से जुड़ी क्लिप का मुद्दा उठा।
निधि वितरण में कटौती को लेकर भी शिवसेना मंत्रियों ने शिकायत की।
Maharashtra Cabinet Meeting: मनोज जरांगे पाटील की ओर से वायरल की गई कथित ऑडियो क्लिप को लेकर महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच तनाव की चर्चा तेज हो गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिंदे गुट के मंत्रियों ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही बैठक में सरकारी निधि के वितरण में कटौती का मामला भी उठाया गया।
वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर दावा किया गया है कि मनोज जरांगे पाटील को कथित तौर पर मनाने या संभालने के लिए भाजपा की ओर से एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। क्लिप में जरांगे द्वारा शिंदे से इस कथित रकम के बारे में सवाल पूछे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने ऑडियो क्लिप से अपना संबंध होने और पैसे लेने के आरोपों से इनकार किया है। क्लिप में कथित तौर पर भाजपा से जुड़े लोगों की आवाज होने का दावा भी किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार की बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मंत्रियों ने यह मुद्दा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने उठाया। मंत्रियों ने वायरल क्लिप को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस घटनाक्रम के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बैठक में सरकारी निधि के वितरण का मुद्दा भी उठाया गया। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना के मंत्रियों ने वित्त विभाग के कुछ अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि मंजूर निधि में कटौती करने का अधिकार अधिकारियों को किसने दिया। मंत्रियों ने संबंधित मामले में कार्रवाई की मांग भी की।
इससे पहले शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने ऑडियो क्लिप के मुद्दे पर भाजपा को निशाने पर लिया था। इसके जवाब में भाजपा नेताओं प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड ने पलटवार किया था। अब इस पूरे विवाद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया और गठबंधन के नेताओं के अगले कदम पर नजरें टिकी हैं।