मुंबई लोकल को मिलेगी नई रफ्तार: एमआरवीसी की शेयर पूंजी 25 करोड़ से बढ़कर 500 करोड़, कैबिनेट की मंजूरी

Mumbai Local Trains: महाराष्ट्र सरकार ने MRVC की अधिकृत शेयर पूंजी 25 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ की। इससे पनवेल-कर्जत कॉरिडोर और स्टेशन आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाओं को गति मिलेगी।
Maharashtra Cabinet hikes MRVC authorized share capital from ₹25 cr to ₹500 cr to boost Mumbai local train expansion, AC locals, and new rail corridors
मुंबई लोकल ट्रेन (सोर्स सोशल मीडिया)
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Maharashtra Cabinet Approval MRVC Share Capital Increased: मुंबई की उपनगरीय रेल व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मुंबई रेलवे विकास कार्पोरेशन की अधिकृत शेयर पूंजी 25 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपए करने को मंजूरी दे दी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की।

लगभग 20 गुना की इस पूंजी वृद्धि से मुंबई रेल नेटवर्क के विस्तार, नई परियोजनाओं, क्षमता वृद्धि, स्टेशन आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई वित्तीय क्षमता के साथ एमआरवीसी मुंबई की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेगा, जिससे करोड़ों लोकल

यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक रेल सेवा का लाभ मिलेगा। एमआरवीसी की स्थापना वर्ष 1999 में रेल मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में हुई थी, जिसमें दोनों की हिस्सेदारी क्रमशः 51:49 है। यह संस्था मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के तहत उपनगरीय रेल नेटवर्क का विकास, क्षमता विस्तार, आधुनिकीकरण और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं का क्रियान्वयन करती है।

मुंबई लोकल को मिलेगी नई रफ्तार

राज्य सरकार के अनुसार एमआरवीसी को लगातार बड़ी और अधिक परियोजनाएं सौंपी जा रही हैं। इन्हें समय पर पूरा करने और कार्यशील पूंजी बढ़ाने के उद्देश्य से कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल के फैसले के तहत एमआरवीसी की अधिकृत शेयर पूंजी 500 करोड़ रुपए की जाएगी। साथ ही कंपनी की पेड-अप शेयर पूंजी भी 25 करोड़ से बढ़ाकर 225 करोड़ रुपए करने को मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा, इस पूंजी वृद्धि के लिए महाराष्ट्र सरकार अपने हिस्से के 98 करोड़ रुपए का योगदान देगी। मुंबई की अर्थव्यवस्था काफी हद तक उसकी लोकल ट्रेन व्यवस्था पर निर्भर है। हर दिन लाखों लोग उपनगरीय रेल सेवा का उपयोग करते हैं। यदि रेल नेटवर्क का विस्तार होता है तो यात्रा का समय कम होगा, भीड़ घटेगी, नए व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों का विकास होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से मुंबई महानगर क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी,

पहले से चल रही हैं कई बड़ी परियोजनाएं

एमआरवीसी पनवेल-कर्जत उपनगरीय रेल कॉरिडोर, विरार-दहाणू चौथी लाइन, कल्याण-बदलापुर लाइन विस्तार, स्टेशन आधुनिकीकरण और एयर कंडीशंड लोकल ट्रेनों की शुरुआत जैसी योजनाओं पर काम कर रही है।

आने वाले वर्षों में लोकल रेल सेवा अधिक फास्ट और आधुनिक होगी

मुंबई शहर लगातार विस्तार कर रही है और हर वर्ष लाखों नए लोग शहर से जुड़ रहे हैं। ऐसे में केवल सड़कें नहीं, बल्कि मजबूत रेल नेटवर्क ही शहर की जीवनरेखा को संभाल सकता है। सरकार का यह निर्णय भविष्य की परिवहन जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि पूंजी वृद्धि के बाद परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में मुंबई की लोकल रेल सेवा पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक बन सकती है।

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