

दिव्यांग कल्याण के लिए जिला योजना निधि का 1% खर्च होगा।
बजाज ऑटो को ई-वाहन निर्माण के लिए ₹66.82 करोड़ की सहायता मंजूर।
नवी मुंबई-चिपी हवाई सेवा को 100% VGF और पुणे में प्रदर्शनी केंद्र को मंजूरी।
धुलिया में 289 हेक्टेयर से अधिक जमीन MIDC को हस्तांतरित होगी।
Maharashtra Cabinet Decisions: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में दिव्यांग कल्याण, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, हवाई संपर्क और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला वार्षिक योजना की निधि का एक प्रतिशत दिव्यांगों के कल्याण पर खर्च करने का फैसला किया गया। इसके अलावा, बजाज ऑटो को ई-वाहन निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए ₹66.82 करोड़ की सहायता मंजूर की गई।
राज्य मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि जिला वार्षिक योजना के तहत उपलब्ध निधि का एक प्रतिशत दिव्यांगों के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य दिव्यांग नागरिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं को बढ़ावा देना है।
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए बजाज ऑटो को ₹66.82 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर की गई है। सरकार के इस फैसले से राज्य में ई-वाहन क्षेत्र को बढ़ावा देने और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मंत्रिमंडल ने नवी मुंबई-चिपी और वापसी मार्ग पर हवाई सेवा के लिए 100 प्रतिशत व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) देने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य इस मार्ग पर हवाई संपर्क को बढ़ावा देना और यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर बनाना है।
पुणे शहर के लोहगांव में भारत मंडपम की तर्ज पर प्रदर्शनी केंद्र विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए आरक्षित खेल मैदान से संबंधित व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इस परियोजना से प्रदर्शनियों और अन्य आयोजनों के लिए सुविधाएं विकसित करने का रास्ता साफ होगा।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए धुलिया जिले के मौजे रावेर में 289 हेक्टेयर 69 आर भूमि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) को हस्तांतरित करने का फैसला किया गया।
मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) नीति में संशोधन को मंजूरी दी। इससे परियोजनाओं के मूल्यांकन, प्रारंभिक स्वीकृति, निविदा और बोली प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य है। अहमदपुर तहसील के शिरूर ताजबंद स्थित मल्हारराव होलकर भटक्या-विमुक्त सहकारी कताई मिल को वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय लिया गया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2014 में संशोधन कर कुलपति को प्रति-कुलपति को पद से हटाने का अधिकार देने का फैसला किया गया। दो जिला परिषदों में कनिष्ठ प्रशासन अधिकारी (एस-13) और सहायक प्रशासन अधिकारी (एस-14) के संवर्गों का विलय कर एक संवर्ग बनाने को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा, मातोश्री ग्राम समृद्धि शेत-पानंद योजना को जिला स्तर पर लागू करने और इसके लिए जिला योजना निधि का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई।