बजट चर्चा में वडेट्टीवार का सरकार पर हमला, विकास निधि में पक्षपात का आरोप
Maharashtra Assembly में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर विकास निधि के वितरण में पक्षपात का आरोप लगाया।साथ ही 62,000 करोड़ रुपये के लंबित बिलों को लेकर ठेकेदारों की चेतावनी से स्थिति गंभीर बताई।
- Written By: अपूर्वा नायक
कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Budget Debate Opposition Attack: महाराष्ट्र विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर विकास निधि के वितरण में पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल अपने विधायकों के क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है, जबकि विपक्षी क्षेत्रों की अनदेखी की जा रही है।
‘सबका विकास’ पर उठाए सवाल
विजय वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि क्या केवल सत्ताधारी विधायकों के क्षेत्रों का विकास करना ही ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया निष्पक्ष नहीं है और विकास कार्यों में संतुलन की कमी साफ दिखाई दे रही है।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई में Gen Z और Gen Alpha के साथ कल सीधा संवाद करेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत; NMACC में तैयारी पूरी
बिना टिकट यात्रा पड़ेगी भारी! पश्चिम रेलवे ने वसूला ₹83.25 करोड़ जुर्माना, फर्जी UTS ऐप पर FIR दर्ज
MBBS बनाम BHMS: मिक्सोपैथी पर क्यों मचा घमासान? जानें 60% अस्पतालों को चलाने वाले डॉक्टरों का पक्ष
ढोंगी गुड्डे हैं राउत और उद्धव… गूंगी गुड़िया विवाद पर भड़के BJP नेता, याद दिलाया नारायण राणे का वो किस्सा
सड़कों की स्थिति पर तंज
विपक्ष के नेता ने सड़कों की खराब हालत को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां सत्ताधारी विधायकों का क्षेत्र समाप्त होता है, वहीं से सड़कों की स्थिति खराब हो जाती है। इस कारण आम नागरिकों को गड्ढों और खराब सड़कों से जूझना पड़ रहा है।
ठेकेदारों की चेतावनी से बढ़ी चिंता
राज्य में लंबित बिलों का मुद्दा भी चर्चा का केंद्र रहा। वडेट्टीवार ने बताया कि लगभग 62 हजार करोड़ रुपये के बिल अब तक बकाया हैं, जिससे ठेकेदारों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भुगतान जल्द नहीं किया गया, तो 6 अप्रैल से काम बंद किया जा सकता है।
ये भी पढ़ें :- ठाणे में करोड़ों बस टिकट जलाने का फैसला, टीएमटी के 4.63 करोड़ टिकट होंगे नष्ट
सरकार पर बढ़ा दबाव
विपक्ष के इन आरोपों के बाद सरकार पर दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है, क्योंकि यह सीधे तौर पर विकास कार्यों और आम जनता की सुविधाओं से जुड़ा हुआ है।
