

Old Vehicle Scrappage Policy: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करते हुए ऑटोमोबाइल क्षेत्र और पर्यावरण के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में प्रदूषण कम करने और पुराने वाहनों को सड़क से हटाने के लिए 'स्क्रैपेज इंसेंटिव' और 'ग्रीन टैक्स' का एक संतुलित फॉर्मूला पेश किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि जो वाहन मालिक अपनी पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को कबाड़ (स्क्रैप) करने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में बड़ी राहत दी जाएगी। छूट का गणित उत्सर्जन मानकों (Emission Norms) पर आधारित है।
BS-III और उससे पुराने वाहन: यदि आप अपनी पुरानी गाड़ी (BS-3 या उससे नीचे) को स्क्रैप करते हैं, तो नई गाड़ी खरीदने पर आपको टैक्स में 30% की भारी छूट मिलेगी।
BS-IV और उससे ऊपर के वाहन: इन वाहनों को स्क्रैप करने पर नए वाहन की खरीद पर 16% की छूट का प्रस्ताव है।
एक तरफ जहां सरकार छूट दे रही है, वहीं दूसरी तरफ पुराने निजी (गैर-परिवहन) वाहनों को सड़क पर रखना अब महंगा होगा। बजट में BS-4 और उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले निजी वाहनों पर पर्यावरण कर (Green Tax) को दोगुना करने का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ये वाहन ईंधन की अधिक खपत करते हैं और वायु गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए इन पर सख्ती जरूरी है।BS-4 और उससे नीचे के एयर पॉल्यूशन स्टैंडर्ड वाली प्राइवेट गाड़ियों पर एनवायरनमेंट टैक्स बढ़ा दिया गया है।
महाराष्ट्र स्टैम्प एक्ट सेक्शन 59, 60, 63 A और 68 A के तहत अगर कोई डॉक्यूमेंट कम स्टाम्प ड्यूटी पर जारी किया जाता है, तो दोषी पाए जाने पर सख्त सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है। यह रकम 5000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है।
इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार करना और ईंधन की खपत को कम करना है। सरकार चाहती है कि लोग पुरानी तकनीक छोड़कर नए, सुरक्षित और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की ओर रुख करें। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी नई जान आएगी।