गैर-मराठी ड्राइवरों पर कसता शिकंजा! मराठी नहीं सीखी तो रद्द होगा ऑटो-टैक्सी लाइसेंस, जानें क्या है नया नियम

Pratap Sarnaik Marathi Language Rule: महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य। 1989 के नियमों में संशोधन के बाद भाषा का ज्ञान न होने पर रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस।
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प्रताप सरनाईक (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Auto Taxi License: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को घोषणा की कि अगर मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान नहीं रखते हैं, तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

बताया जा रहा है कि सरकार बुधवार को एक आधिकारिक सरकारी आदेश जारी करने जा रही है, जिससे मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 लागू हो जाएंगे।

लाइसेंस सस्पेंशन और रद्द करने की प्रक्रिया

संशोधित नियमों के तहत, जिन ड्राइवरों को मराठी बोलने का व्यावहारिक कौशल या काम-चलाऊ ज्ञान नहीं है, उन्हें पहले एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। अगर कोई ड्राइवर उस महीने के भीतर भाषा नहीं सीख पाता है, तो उनके लाइसेंस का अधिकार तीन महीने तक के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा।

सस्पेंशन के बाद भी नियमों का पालन न करने पर उनका ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा।कानून और न्याय विभाग ने इस कानूनी कार्रवाई को लागू करने के लिए परिवहन विभाग के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है।

1989 के नियम को सख्ती से लागू करने का फैसला

मंत्री सरनाईक ने साफ किया कि यह आदेश 1989 के एक मौजूदा नियम पर आधारित है, जिसे पहले अधिकारियों ने सख्ती से लागू नहीं किया था।

उन्होंने कहा, यह कानून 1989 का है और इसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र में काम करने के लिए मराठी जानना जरूरी है। हमने कुछ महीने पहले इसे सख्ती से लागू करने का आदेश दिया था लेकिन किसी के साथ अन्याय न हो, इसलिए हमने ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया। हालांकि कई ड्राइवरों ने इसमें हिस्सा लिया और भाषा सीखी लेकिन कुछ लोग अभी भी अकड़ दिखाते हुए कह रहे हैं कि वे नहीं सीखेंगे। हमने खास तौर पर ऐसी मनमानी को रोकने के लिए ये कानूनी संशोधन किए हैं।

ड्राइवर ऑथराइजेशन में मराठी भाषा अनिवार्य

महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4 के उप-नियम (4) में संशोधन करके और मराठी भाषा का कामचलाऊ ज्ञान वाक्यांश जोड़ा गया है। ड्राइवर ऑथराइजेशन चाहने वाले आवेदकों को अब अन्य पात्रता शर्तों के साथ-साथ मराठी में व्यावहारिक दक्षता भी दिखानी होगी।

नए जोड़े गए नियम 22(3ए) के तहत, इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-आधारित मोटर कैब चलाने वाले ड्राइवरों के पास मराठी का कामचलाऊ ज्ञान होना जरूरी है। लाइसेंसिंग अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे पहली बार नियमों का पालन न करने पर ड्राइवर के लाइसेंस ऑथराइजेशन को ज्यादा से ज्यादा तीन महीने के लिए सस्पेंड कर सकते हैं और बार-बार नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस ऑथराइजेशन को हमेशा के लिए रद्द कर सकते हैं।

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परमिट रिन्युअल के लिए मराठी का प्रमाण पत्र जरूरी

नियम 78 के उप-नियम (2) में क्लॉज (सी) के बाद क्लॉज (डी) जोड़ा गया है, जिससे परमिट धारकों के लिए भी मराठी का कामचलाऊ ज्ञान जरूरी हो गया है।

संशोधित नियम 85(1) के तहत, कैब और टैक्सी परमिट को रिन्यू कराने के लिए स्थानीय परिवहन प्राधिकरण की संतुष्टि के अनुसार मराठी भाषा में व्यावहारिक दक्षता का प्रमाण देना अब एक जरूरी शर्त है। परिवहन विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि ये अपडेट्स असल में बदले हुए नियम हैं।

यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर संवाद के लिए कदम

मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि नियमों में किए गए इन बदलावों से 1989 के नियमों में मौजूद उन कमियों को दूर किया गया है, जिनका फायदा पहले गैरमराठी ड्राइवर कानूनी विवादों के दौरान उठाते थे। ड्राइवर और यात्रियों के बीच आसानी से बातचीत और साफ समझबूझ के साथ-साथ राज्यभर में सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए भाषा की बुनियादी जानकारी होना बहुत जरूरी है।

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