

Maharashtra Air Ambulance Service Expressway Samruddhi Mahamarg: महाराष्ट्र में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रमुख राजमार्गों पर ‘एयर एंबुलेंस’ सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, इस सेवा को नए साल की शुरुआत में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत समृद्धि महामार्ग, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-गोवा हाईवे को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद के शुरुआती एक घंटे यानी ‘गोल्डन आवर’ में घायलों को ट्रॉमा केयर सेंटर तक जल्द से जल्द पहुंचाना है, ताकि समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच सके।
एयर एंबुलेंस परियोजना को लागू करने के लिए सरकार ने चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 नवंबर 2026 तक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर उसे मंजूरी दिलाने की योजना है। इसके बाद नवंबर के अंत तक उच्चाधिकार समिति की स्वीकृति लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद नए साल की शुरुआत में सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, सेवा की वास्तविक शुरुआत संबंधित मंजूरियों और निविदा प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।
राज्य सरकार पहले चरण में समृद्धि महामार्ग, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे और मुंबई-गोवा महामार्ग पर दुर्घटनाओं की स्थिति में तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था विकसित करने की योजना बना रही है।
इस व्यवस्था के तहत एयर एंबुलेंस की उपलब्धता, घायलों को सुरक्षित रूप से उपयुक्त ट्रॉमा केयर सेंटर तक पहुंचाने और दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से मानक कार्यप्रणाली तैयार करेंगे।
योजना में ट्रॉमा केयर सेंटरों का नेटवर्क निर्धारित करना, सेवा प्रदाताओं का पैनल तैयार करना, सड़क सुरक्षा निधि से आवश्यक आर्थिक प्रावधान करना और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत बनाना शामिल है।
इस संबंध में आयोजित बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम, परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक संजय काटकर, यातायात पुलिस विभाग के अधीक्षक डॉ. सुनील भारद्वाज तथा परिवहन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य में हर साल लगभग 15 हजार सड़क दुर्घटनाएं होती है। गंभीर दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाना कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। लंबी दूरी, यातायात जाम और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में होने वाली देरी से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ऐसे में एयर एंबुलेंस सेवा को सड़क दुर्घटनाओं के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और तेज आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की मदद से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।