Mumbai Local Train Disruption: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल सोमवार को तकनीकी खामियों के चलते लड़खड़ा गई थी। सुबह के वक्त पश्चिम रेलवे के तीन सिग्नल-पॉइंट सिस्टम में आई खराबियों ने उपनगरीय रेल सेवा की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। नतीजतन, करीब 45 लोकल सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि सौ से अधिक लोकल फेरियां देरी से चली। सप्ताह के पहले दिन ही अचानक बिगड़े संचालन से प्रमुख स्टेशनों पर मुंबईकर यात्रियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
इस वजह से प्लेटफॉर्म से लेकर लोकल के डिब्बों तक अफरातफरी का माहौल बन गया। इसी तरह मध्य रेल के मेन लाइन पर भी मुलुंड स्टेशन के पास एमआरवीसी के काम के दौरान वायर का एक टुकड़ा ओवरहेड वायर पर गिर गया, जिससे बड़े पैमाने पर चिंगारियां निकलीं। रेलवे प्रशासन ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर ओएचई टीम को मौके पर भेजा। टीम द्वारा वायर हटाने के बाद रेल यातायात को बहाल कर दिया गया।
पश्चिम रेलवे के उपनगरीय मार्ग पर सुबह में भीड़भाड़ के समय खराबियों का सिलसिला शुरू हो गया। वसई रोड, दादर और गोरेगांव में सिग्नल सिस्टम और पॉइंट में तकनीकी खराबी आने से तेज और हार्बर लाइन पर लोकल सेवाएं प्रभावित हुईं। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल मरम्मत का काम शुरू किया। हालांकि, खराबी के कारण लोकल ट्रेनें देरी से चलीं और कुछ सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे पीक आवर में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक वसई रोड पर दिवा दिशा की तेज लाइन का पॉइंट तड़के 4.46 बजे खराब हुआ, जिससे अप तेज लोकल प्रभावित हुईं। रेलवे कर्मचारियों ने मरम्मत कर सुबह 6 बजे इसे दुरुस्त किया। दादर में सुबह 10.10 बजे अप-डाउन तेज लाइन के पॉइंट में खराबी आई, जिसे 11.25 बजे ठीक किया गया। वहीं, गोरेगांव में सुबह 10.22 बजे हार्बर लाइन के अप-डाउन पॉइंट फेल हुए, जिन्हें 10 मिनट में दुरुस्त कर लिया गया। इन तकनीकी खराबियों से लोकल सेवाओं की रफ्तार प्रभावित रही।
मध्य रेलवे के मुलुंड स्टेशन के पास एमआरवीसी के काम के दौरान वायर का एक टुकड़ा ओवरहेड वायर पर गिर गया। उस समय नीचे से लोकल गुजर रही थी। वायर के संपर्क में आने से बड़ी संख्या में चिंगारियां निकलीं।
घटना का पता चलते ही रेलवे ने तत्काल ओवरहेड वायर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। इसके बाद ओएचई टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने वायर को हटाकर मार्ग को सुरक्षित किया। इसके बाद रेल यातायात को सुचारु कर दिया गया।
पश्चिम रेलवे पर खराबियों की श्रृंखला और लोकल फेरे रद्द होने के कारण सुबह के पीक आवर में प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोकल सेवाएं देरी से चलने के कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद पहुंची लोकल ट्रेनों में भी भारी भीड़ रही, जिससे सफर और मुश्किल हो गया।
खासकर काम पर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हुई, कई यात्री समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके और उन्हें लेटमार्क का सामना करना पड़ा। सप्ताह के पहले ही कामकाजी दिन रेलवे सेवा प्रभावित होने से लाखों मुंबईकरों को समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिवक्ता आनंद उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने सुबह 8:34 बजे नालासोपारा से एसी लोकल पकड़ी थी, जिसे 9:38 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचना था, लेकिन ट्रेन करीब 11 बजे पहुंची। उनका मझगांव कोर्ट में केस था, लेकिन देरी के कारण वे समय पर नहीं पहुंच सके। उन्होंने रेलवे से ऐसी तकनीकी खामियों को दोबारा होने से रोकने की मांग की।
गोरेगांव निवासी गौरव केशरी ने बताया कि उन्हें ऑफिस पहुंचने में करीब दो घंटे की देरी हुई। उनके अनुसार, ट्रेन दादर और प्रभादेवी के बीच करीब आधे घंटे तक खड़ी रही, लेकिन मोटरमैन की ओर से यात्रियों को देरी की वजह की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यात्रियों को समय रहते सूचना दी जानी चाहिए।