कोंकण रेलवे आरपीएफ ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत बचाए नाबालिग (सोर्स: सोशल मीडिया)
Konkan Railway RPF Operation: कोंकण रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता व त्वरित कार्रवाई के चलते साल भर में 98 से ज्यादा नाबालिग बच्चे गलत हांथों या रास्तों पर जाने से बच गए। कोंकण रेलवे के सीपीआरओ सुनील नारकर ने बताया कि आरपीएफ जहां रेलवे की सुरक्षा,संरक्षा बढ़ाने का कार्य करता है वहीं कोंकण रेल परिसर में अपराधों पर अंकुश एवं अवैध गतिविधियों पर भी लगाम लगाता रहा है।
बताया गया कि पिछले कैलेंडर वर्ष के दौरान, ऑपरेशन अमानत के तहत, कोंकण रेलवे RPF ने 252 यात्रियों का छूटा हुआ सामान सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला और वापस किया, जिसकी कीमत 122।48 लाख थी।
बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए, RPF ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत 98 नाबालिग बच्चों को बचाने का कार्य किया। इनमें कई बच्चे और बच्चियां जो घर से भाग कर निकले थे। उन्हें गलत हांथों में जाने से बचाया। नाबालिग बच्चों की देखभाल और पुनर्वास के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप गया जिससे उनका संभावित शोषण रुक गया।
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अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान के हिस्से के रूप में, ऑपरेशन सतर्क के तहत 10.71 लाख मूल्य की 6,877 बोतलें अवैध शराब जब्त की गईं, साथ ही 65 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिससे रेलवे परिसर में अवैध व्यापार पर अंकुश लगा। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के अपने निरंतर प्रयासों में, RPF ने ACP श्रेणी के तहत 192 मामलों का पता लगाया, जिसके परिणामस्वरूप रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत 222 अपराधियों को गिरफ्तार कर मुकदमा चलाया गया। इस दौरान RPF कर्मियों ने जीवन रक्षा पहल के तहत समय पर हस्तक्षेप करके 4 यात्रियों की जान बचाई। लगातार सतर्कता के माध्यम से, RPF ने यात्रियों के सामान की चोरी में शामिल 40 आरोपियों को गिरफ्तार कर 48।67 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद कर सही यात्रियों को सौंपा गया।