कोंकण रेलवे मार्ग पर 15 जून से विशेष मानसून टाइम टेबल लागू, वंदे भारत सहित 40 ट्रेनों के समय में बदलाव

Konkan Railway News: मध्य रेल ने मानसून के दौरान सुरक्षित परिचालन के लिए 15 जून से 20 अक्टूबर तक विशेष समय सारिणी लागू की है। इसके तहत वंदे भारत समेत 40 ट्रेनों के समय और फेरों में बदलाव किया गया है
Central Railway will implement a special monsoon timetable from June 15 to October 20, altering schedules and reducing frequencies for 40 trains on the Konkan route.
मध्य रेल सोर्स सोशल मीडिया
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Konkan Railway  Monsoon Timetable: कोंकण रेलवे मार्ग पर मानसून के दौरान सुरक्षित और सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्य रेलवे ने 15 जून से 20 अक्टूबर तक विशेष मानसून समय-सारिणी लागू करने का निर्णय लिया है। इस अवधि में मुंबई, पुणे, नागपुर और लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से कोंकण मार्ग पर चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव किया जाएगा। साथ ही कुछ ट्रेनों के फेरे भी कम किए गए हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोंकण क्षेत्र में भारी वर्षा, भूस्खलन की आशंका और घाट सेक्शनों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और इसी के मद्देनजर ट्रेनों की गति पर भी नियंत्रण रखा जाएगा।

40 प्रमुख ट्रेनों के समय में परिवर्तन

नई समय-सारिणी के तहत लगभग 40 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। इनमें सीएसएमटी-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस, मांडोवी एक्सप्रेस, तुतारी एक्सप्रेस, मत्स्यगंधा एक्सप्रेस, नेत्रावती एक्सप्रेस और दुरंतो एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि संवेदनशील घाट क्षेत्रों में ट्रेनों की गति कम रखने और अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था लागू करने के कारण कई ट्रेनों की यात्रा अवधि में भी वृद्धि होगी। यात्रियों को यात्रा से पहले संशोधित समय-सारिणी की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

वंदे भारत और तेजस के फेरे घटे

मानसून अवधि के दौरान कुछ ट्रेनों के संचालन दिनों में भी कटौती की गई है। सप्ताह में छह दिन चलने वाली सीएसएमटी-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस अब केवल सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी। इसी प्रकार तेजस एक्सप्रेस तथा एलटीटी-मडगांव एक्सप्रेस के फेरों में भी कमी की गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था अस्थायी है और केवल मानसून अवधि तक लागू रहेगी। मौसम सामान्य होने के बाद ट्रेनों का संचालन पूर्ववत किया जाएगा।

सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

कोंकण रेलवे देश के सबसे चुनौतीपूर्ण रेल मार्गों में से एक माना जाता है, जहां मानसून के दौरान भारी वर्षा, जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं। इसे देखते हुए रेलवे ट्रैक, पुलों और सुरंगों की लगातार निगरानी की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष गश्त, तकनीकी निरीक्षण और आपातकालीन दलों की तैनाती भी की जाएगी।

मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय संशोधित समय-सारिणी की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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