

Kanjurmarg Dumping Ground Pollution: कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड के कचरे से निकलने वाली दुर्गंध के कारण आस-पास के इलाकों में फैलने वाले प्रदूषण को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संबंधित अधिकारियों को कोर्ट के निर्देशानुसार आवश्यक कदम उठाने के साथ ही समस्या से निपटने के लिए कारगर योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही हिदायत दी गई है कि यहां प्रस्तावित बिजली परियोजना के लिए फौरन कार्यवाही की जाए। बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड क्षेत्र में प्रदूषण व स्वास्थ्य जोखिम को लेकर 'ढीला-ढाला' रवैया अपनाने के लिए राज्य सरकार और बीएमसी को फटकार लगाई थी।
कोर्ट ने कचरा फेंकने के स्थल को बंद करने का आदेश देने की भी चेतावनी दी है। डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोगों ने प्रदूषण, लगातार दुर्गंध, गैस उत्सर्जन और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर चिंता जताई है। कचरा स्थल से निकलने वाली मीथेन गैस कार्बन डाई ऑक्साइड से अधिक हानिकारक है। गैस उत्सर्जन के दुष्परिणामों से लोगों में भय का माहौल है। वैज्ञानिकों ने इस समस्या के निदान के लिए वैज्ञानिक उपाय अपनाने का सुझाव दिए हैं। दशकों से अपनाए जा रहे अस्थायी उपाय से कोई हल नहीं निकल सका है। कांजुरमार्ग में मनपा के कचरा प्रोजेक्ट में हर दिन करीब 6,200 टन कचरे की प्रक्रिया की जाती है। यह काम तीन तरीकों से किया जाता है। कचरे को जमीन में भंडारण करना, कम्पोस्ट बनाना और कचरे को अलग करना।
उपमुख्यमंत्री बताया कि इलाके में बदबू को रोकने के लिए बायोलॉजिकल सॉल्यूशन का स्प्रे करना, मिट्टी बिछाना, लैंडफिल गैस मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना और मिस्टिंग प्रोसेस जैसे उपाय किए जा रहे हैं। एंटी-ओडर स्प्रे अच्छे से किया जाना चाहिए। इस इलाके में बड़े पैमाने पर बांस लगाए जाने चाहिए और बांस का घना जंगल बनाया जाना चाहिए ताकि इसका इस्तेमाल बदबू को रोकने के लिए किया जा सके।
बैठक में फैसला लिया गया कि बीएमसी को वेस्ट टू एनर्जी जैसे लंबे समय के सॉल्यूशन प्रोजेक्ट के लिए जरूरी टेक्निकल पहलुओं की जांच करके इस प्रोजेक्ट को तुरंत शुरू करने के लिए कदम उठाए जाएंगे, जहां रिहायशी इलाके कचरा डिपो के पास हैं, वहां फर्टिलाइजर व आरडीएफ जैसी बदबूदार प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए। उन्हें 500 मीटर से ज्यादा दूर के इलाकों में किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को दुर्गंध से परेशानी न हो।