130 के पार जाएगा पेट्रोल, देश में लगेगा आर्थिक लॉकडाउन! जयंत पाटिल का केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला

Jayant Patil on Petrol Price and Lockdown: जयंत पाटिल ने पेट्रोल की कीमत 130 रुपये होने और देश में अघोषित आर्थिक लॉकडाउन लगने की आशंका जताई। सरकार पर बोला तीखा हमला।
Jayant Patil Devendra Fadnavis
जयंत पाटिल का फडणवीस पर निशाना; वीआईपी कल्चर पर उठाए सवाल (फोटो क्रेडिट-X)
Updated on

Jayant Patil Statement on Petrol: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय गहरे संकट से गुजर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील के बाद, विपक्ष ने सरकार की आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एनसीपी (शरद पवार गुट) नेता जयंत पाटिल ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि वैश्विक संकट और डॉलर के मुकाबले रुपये की ऐतिहासिक गिरावट के कारण देश पर गंभीर आर्थिक संकट मंडरा रहा है।

जयंत पाटिल ने कहा कि वर्तमान में जो डॉलर 96 रुपये के आसपास बिक रहा है, वह अगले एक महीने में 100 रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा। इसका सीधा असर आयात होने वाले कच्चे तेल पर पड़ेगा, जिससे भारत में पेट्रोल की कीमतें 130 रुपये प्रति लीटर के पार चली जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह केवल महंगाई का मामला नहीं है, बल्कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहा यह दबाव भारतीय बाजार को पूरी तरह पंगु बना सकता है।

वाशिम की घटना का दिया हवाला

अपने दावों को पुख्ता करने के लिए जयंत पाटिल ने अपने मोबाइल पर वायरल हो रहे एक वीडियो का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वाशिम के अकोलानाका क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर अभूतपूर्व भीड़ उमड़ रही है। लोग गाड़ियों के अलावा प्लास्टिक के डिब्बों में पेट्रोल भरने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं और ईंधन पाने के लिए आपस में धक्का-मुक्की और लड़ाई कर रहे हैं। पाटिल ने चिंता जताते हुए कहा कि कोरोना काल में सरकार ने लॉकडाउन लगाया था, लेकिन मौजूदा हालात को देखकर डर लग रहा है कि ईंधन की कमी के कारण देश खुद-ब-खुद आर्थिक लॉकडाउन की स्थिति में न चला जाए।

गृहमंत्री के 'कोटा' बयान पर उठाए सवाल

पाटिल ने देश के गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी तंज कसा जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के पास छह महीने का ईंधन कोटा सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के इस बयान को आए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब खुद उनके सर्वोच्च नेता (पीएम मोदी) जनता से बाहर न जाने, शादियां और छुट्टियां रद्द करने तथा एक साल तक सोना न खरीदने की मिन्नतें कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि अगर देश में सब कुछ ठीक है, तो सरकार इतनी डरी हुई क्यों है?

मुख्यमंत्री के काफिले और पुरानी राजनीति पर कटाक्ष

पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने साल 2013 का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम लिए बिना उन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। पाटिल ने कहा, "2013 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ऐसे ही आर्थिक कदम उठाए थे, तब हमारे मौजूदा मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि देश की आर्थिक स्थिति लड़खड़ा गई है। आज जब पीएम खुद घोषणा कर रहे हैं, तो वे अपनी आलोचना पर भड़क जाते हैं।" उन्होंने वीआईपी कल्चर पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता को मितव्ययिता का पाठ पढ़ाने वाले मंत्रियों के पीछे आज भी 10 से 15 लग्जरी गाड़ियां दौड़ रही हैं, जो इस संकट के समय में आम जनता का मजाक उड़ाने जैसा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com