ISS पहुंचे पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला, बोले-अंतरिक्ष में दंत स्वास्थ्य अहम

Mumbai News: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला ने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए दंत स्वास्थ्य बेहद अहम है, क्योंकि अंतरिक्ष में दांतों की सर्जरी संभव नहीं होती।
Shubhanshu Shukla
शुभांशु शुक्ला (सौ. X)
Updated on

Astronaut Shubhanshu Shukla News: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए दंत स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अंतरिक्ष यात्रा की तैयारी के दौरान उन्हें दो अक्ल दाढ़ निकलवानी पड़ी थी। हालांकि अंतरिक्ष यात्रियों को आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन वे अंतरिक्ष यान पर दांतों से जुड़ी सर्जरी नहीं कर सकते।

उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएसआई) में यह बात कही और इस दौरान ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि आपके दांतों का स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। चयन प्रक्रिया के दौरान, कई लोगों ने अपने दांत निकलवाए, शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष में जाने के प्रशिक्षण के दौरान अक्ल दाढ़ निकाली जाती है।

मैंने अपनी दो अक्ल दाढ़ निकलवाई हैं। नायर के तीन दांत निकलवाए गए हैं, जबकि प्रताप के चार दाढ़ निकाले गए हैं। शुक्ला ने बताया कि गगनयान मिशन के लिए चुने गए भारतीय वायु सेना के कुशल पायलटों को मिशन के लिए मंजूरी मिलने से पहले कई मनोवैज्ञानिक और शारीरिक मूल्यांकन से गुजरना पड़ा। ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर और ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप को देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' के लिए चुना गया है।

चिकित्सकों ने किया मूल्यांकन

नायर ने बताया कि भारतीय वायु सेना के परीक्षण पायलट अंतरिक्ष यात्राओं के लिए स्वाभाविक पसंद क्यों हैं। ग्रुप कैप्टन नायर ने बताया कि 2019 के अंत तक उन्हें रूस भेजा गया, जहां रूसी चिकित्सकों ने भी उनका चिकित्सा मूल्यांकन किया।

Navbharat Live
navbharatlive.com