साइबर फ्रॉड अब इंडस्ट्रियल धंधा, FICCI के इवेंट में महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव बृजेश सिंह का बड़ा खुलासा

IPS Brijesh Singh In FICCI: मुंबई में FICCI के 'नेक्स्ट जेन फोरेंसिक्स' सम्मेलन में महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव बृजेश सिंह ने चेतावनी दी कि साइबर अपराध अब एक संगठित उद्योग बन चुका है।
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साइबर फ्रॉड अब इंडस्ट्रियल धंधा, FICCI के इवेंट में महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव बृजेश सिंह का बड़ा खुलासा
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IPS Brijesh Singh On Cyber Crime Industry: आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि एक अत्यधिक संगठित और औद्योगिक स्तर का धंधा (Industrial Ecosystem) बन चुका है। यह बात मुंबई में शीर्ष उद्योग संगठन FICCI द्वारा आयोजित 'नेक्स्ट जेन फोरेंसिक्स: द न्यू एज ऑफ फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन' सम्मेलन में यह गंभीर चिंता सामने आई है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव IPS बृजेश सिंह ने साइबर ठगी के बदलते खतरनाक पैटर्न पर से पर्दा उठाया।

क्या बोले महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव बृजेश सिंह?

IPS बृजेश सिंह ने कहा है कि आज साइबर अपराध एक अत्यधिक संगठित और इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम में विकसित हो गया है जहां विशेषीकृत अपराधी डेटा चोरी और पहचान निर्माण से लेकर म्यूलर नेटवर्क, डीपफेक निर्माण और क्रिप्टो-सक्षम मनी लॉन्ड्रिंग तक विभिन्न अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। आज साइबर धोखाधड़ी एक औद्योगिक स्तर का धंधा बन चुकी है।

30 मिनट में खेल खत्म, पुरानी जांच पद्धतियां फेल

गुरुवार को मुंबई में शीर्ष उद्योग संगठन FICCI द्वारा आयोजित 'नेक्स्ट जेन फोरेंसिक्स द न्यू एज ऑफ फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन' सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव IPS बृजेश सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी इतने शातिर हो गए हैं कि पीड़ित तक पहली कॉल पहुंचने से पहले ही धोखेबाजों को उनकी व्यक्तिगत जानकारी, व्यावहारिक पैटर्न और मनोवैज्ञानिक कमजोरियों के बारे में पता चल चुका होता है। डेटा जुटाने से लेकर क्रिप्टो नेटवर्क के माध्यम से धन गायब करने की पूरी प्रक्रिया 30 मिनट से भी कम समय में पूरी कर लेते है जिससे पारंपरिक जांच पद्धतियां तेजी से अप्रभावी होती जा रही हैं।

जांच से ज्यादा जरूरी है साइबर ठगी की रोकथाम: SEBI

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूंजी बाजार नियामक सेबी के कार्यकारी निदेशक जी. राम मोहन राव ने कहा कि निवेशकों का भरोसा पूंजी बाजारों की आधारशिला बना हुआ है। 'सेबी' ने निवेशकों को वैध संस्थाओं की पहचान करने और धोखाधड़ी को रोकने में मदद करने के लिए सेबी चेक, एप बैंक और यूपीआई सत्यापन तंत्र जैसी पहल शुरू की है। साइबर सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करना, समय-समय पर ऑडिट करना और उन्नत निगरानी प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना भारत के प्रत्तिभूति बाजारों की अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक है।

जी. राम मोहन राव ने धोखाधड़ी से निपटने में निवारक कार्रवाई और डिजिटल सतर्कता के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि घटना होने के बाद जांच करने से ज्यादा जरूरी है रोकथाम, सक्रिय निगरानी, भ्रामक सामग्री की निगरानी, प्लेटफॉर्म समन्वय और प्रौद्योगिकी-आधारित पहचान प्रणालियों के माध्यम से, हम वित्तीय तंत्र में धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने और अधिक डिजिटल विश्वास बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

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