भारत की पहली अंडर-सी टनल: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, समुद्र के नीचे 65 मीटर गहराई में चल रहा काम

Mumbai Ahmedabad Bullet Train Project: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम अब सुपरफास्ट मोड में है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अंडर-सी टनल और 300 किमी वायाडक्ट निर्माण पर बड़ा अपडेट दिया है।
Undersea Rail Tunnel: भारत की पहली अंडर-सी टनल: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, समुद्र के नीचे 65 मीटर गहराई में चल रहा काम
अंडर सी टनल का काम जारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Undersea Rail Tunnel India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम फूल स्पीड में शुरू है। इसके तहत भारत की पहली अंडर सी टनल का काम भी प्रगतिपथ पर है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी लोकसभा में देते हुए बताया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम जमीन के नीचे से लेकर समुद्र में और जमीन के ऊपर किया जा रहा है।

300 किमी वायडक्ट का निर्माण पूरा

रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना के अंतर्गत 300 किमी से अधिक वायाडक्ट निर्माण पूरा हो चुका है। पियर निर्माण, ट्रैक बिछाने और स्टेशनों का विकास का कार्य जारी है। साथ ही, भारत की पहली अंडरसी रेल सुरंग पर भी कार्य प्रगति पर है। रेल मंत्री के अनुसार परियोजना में 435 किमी फाउंडेशन कार्य, 338 किमी गिर्डर इंस्टॉलेशन, 168 किमी ट्रैक बिछाने के साथ ओएचई इंस्टॉलेशन का कार्य भी तेजी से हो रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत कई नदियों पर पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। भरूच, वडोदरा, आनंद, नडियाद, अहमदाबाद और साबरमती क्षेत्रों में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही वापी, बिलिमोरा, सूरत तथा बीकेसी स्टेशन सहित कई स्टेशनों का कार्य तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रहा है।

21 किमी लंबी सुरंग का निर्माण

नेशनल हाई-स्पीड रेल के सी-2 पैकेज के तहत बुलेट ट्रेन के लिए बीकेसी से ठाणे के शिलफाटा तक 21 किमी लम्बी सुरंग का निर्माण तेज गति से हो रहा है। भारतीय इंजीनियरिंग के एक और मार्वेल के रूप में इसका निर्माण स्वदेशी कंपनी अफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है। जिसमें भारत की पहली अंडरसी हाई स्पीड रेल सुरंग (7 किमी) भी शामिल है। यह सुरंग भी जमीनी स्तर से करीब 25 से 65 मीटर गहरी होगी। सबसे गहरा निर्माण शिलफाटा के पास पारसिक पहाड़ी से 114 मीटर नीचे किया जा रहा है।

एकमात्र भूमिगत स्टेशन होगा बीकेसी

बीकेसी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर एकमात्र भूमिगत स्टेशन होगा। इसे जमीनी स्तर से लगभग 24 मीटर की गहराई पर बनाया जा रहा है। जमीन के नीचे तीन मंजिल का यह अत्याधुनिक स्टेशन लगभग 2 लाख वर्गमीटर के तल क्षेत्र में विकसित हो रहा है। इस अत्याधुनिक टर्मिनल पर भव्य वेटिंग एरिया के साथ एक बिजनेस-क्लास लाउंज, एक नर्सरी, टॉयलेट, धूम्रपान कक्ष और सूचना कियोस्क सहित विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के काम की स्पीड

उल्लेखनीय है कि बुलेट ट्रेन 508.17 किमी के इस प्रॉजेक्ट में 384.04 किमी हिस्सा गुजरात में, 155.76 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में और 4.3 किमी हिस्सा दादरा नगर हवेली में है। अब बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम स्पीड में चल रहा है। बुलेट ट्रेन के 12 स्टेशन होंगे, जिनमें से 8 गुजरात में, 4 स्टेशन महाराष्ट्र में बनने हैं। राज्य में महायुती सरकार आने के बाद बुलेट ट्रेन के मार्ग में आने वाली सभी रुकावटों को क्लियर किया गया है।

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