GMLR परियोजना के चौथे चरण के ऑडिट के लिए VJTI नियुक्त, BMC ने 6.09 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को दी मंजूरी

Mumbai GMLR Project: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड जीएमएलआर परियोजना के चौथे चरण के निर्माण की गुणवत्ता जांच के लिए बीएमसी ने वीजेटीआई को स्वतंत्र ऑडिट एजेंसी नियुक्त किया है।
BMC approves ₹6.09 crore proposal for Phase 4 audit of GMLR project
मुंबई जीएमएलआर परियोजना, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai GMLR Project Phase 4 Quality Audit VJTI: मुंबई के पश्चिमी उपनगरों को पूर्वी उपनगरों से जोड़ने वाली गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के चौथे चरण में निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के लिए वीरमाता जिजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (VJTI) को स्वतंत्र गुणवत्ता आश्वासन एजेंसी नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति का उद्देश्य निर्माण कार्य का तकनीकी ऑडिट कर गुणवत्ता मानकों की जांच करना है।

1,354 करोड़ रुपये के काम का होगा ऑडिट

GMLR के चौथे चरण के तहत किए जा रहे 1,354.52 करोड़ रुपये के ठेका कार्य का तकनीकी ऑडिट VJTI करेगा। इसके लिए 0.45 प्रतिशत की दर से 6 करोड़ 9 लाख 53 हजार 827 रुपये सेवा शुल्क निर्धारित किया गया है।

मुंबई बीएमसी प्रशासन ने VJTI की नियुक्ति और सेवा शुल्क से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए स्थायी समिति के समक्ष पेश किया है। स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से गुणवत्ता जांच कराने से निर्माण कार्य के तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।

फ्लाईओवर और इंटरचेंज का निर्माण जारी

GMLR के चौथे चरण में मुलुंड स्थित ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और ऐरोली टोल नाका के बीच महत्वपूर्ण फ्लाईओवर और इंटरचेंज का निर्माण किया जा रहा है।

इस कार्य के लिए अक्षया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स-हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (JV) को 20 मार्च 2026 को कार्यादेश दिया गया था। इसके बाद 27 मार्च 2026 से मौके पर निर्माण कार्य शुरू हुआ।

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परियोजना के तहत नाहूर से ऐरोली टोल नाका के बीच ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर 1,330 मीटर लंबा दूसरे स्तर का केबल-स्टेड फ्लाईओवर बनाया जाएगा।

इस फ्लाईओवर में 180 मीटर लंबा मुख्य स्पैन होगा, जिसमें 10 लेन की व्यवस्था होगी। इसके अलावा 24.4 मीटर चौड़े वायाडक्ट का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 6 लेन होंगी।

ट्रैफिक जाम कम करने के लिए क्लोवरलीफ लूप्स

नाहूर से ऐरोली के बीच मौजूदा 1,600 मीटर लंबे मार्ग का सुधार भी किया जाएगा। इसके साथ ही GMLR और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के जंक्शन पर भविष्य में यातायात दबाव कम करने के लिए चारों कोनों पर 2,400 मीटर लंबे क्लोवरलीफ लूप्स विकसित किए जाएंगे।

इसके अलावा करीब 3,600 मीटर लंबे स्थायी खुले लेफ्ट बायपास मार्ग भी बनाए जाएंगे। इन इंटरचेंज सुविधाओं का उद्देश्य जंक्शन पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और यातायात जाम की समस्या को कम करना है।

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