

IIT Bombay Student Parents Allegations: देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे में ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के दूसरे वर्ष के 19 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया है। छात्र का शव शुक्रवार को उसके हॉस्टल के कमरे में मिला। इस घटना के बाद परिजनों ने संस्थान के प्रशासन और शिक्षकों पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं, वहीं 400 से अधिक छात्रों ने परिसर में उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और मामले की स्वतंत्र निष्पक्ष जांच की मांग की।
मृतक छात्र के माता-पिता ने आईआईटी बॉम्बे प्रशासन और संबंधित शिक्षकों पर उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। माता-पिता का आरोप है कि उनके बेटे को उसकी पिछड़ी जाति के कारण शिक्षक द्वारा अपमानित और प्रताड़ित किया जाता था।
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने कहा कि उनका बेटा आत्महत्या करने वाला नहीं था और संस्थान में उसके साथ जातिगत भेदभाव किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
बता दें कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के पवई स्थित कैंपस में ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे को शुक्रवार को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद उसके छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया।
संस्थान के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को उत्तर तलाशने के लिए चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। आईआईटी बॉम्बे ने कहा है कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। संबंधित शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत कर उसका परामर्श किया था तथा उसे आश्वासन दिया था कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके बाद छात्र अपने छात्रावास के कमरे में लौट गया, जहां बाद में वह मृत मिला।
छात्र की मां ने संस्थान पर बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संस्थान ने उनके बेटे को मार डाला। उन्होंने न्याय की मांग की और बताया कि इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई है। वहीं, पिता ने आरोप लगाया कि आईआईटी बॉम्बे के निदेशक और शिक्षकों ने मिलकर उनके बेटे को प्रताड़ित किया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के साथ क्या किया गया, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
पिता के अनुसार, उनका बेटा उनका इकलौता बच्चा था और वह आत्महत्या करने वाला व्यक्ति नहीं था। पिता ने आरोप लगाया कि एक शिक्षक उनके बेटे को पहले से ही 'पिछड़ी जाति' का बताकर अपमानित करता था और संस्थान के निदेशक उस शिक्षक का समर्थन करते थे। उन्होंने कहा कि यह जातिगत भेदभाव का मामला है और उन्हें न्याय चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस बीच, मुंबई पुलिस ने साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 19 सितंबर को पवई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
घटना की जानकारी फैलने के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में 400 से अधिक छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने संस्थान के प्रशासन से जवाबदेही तय करने और घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता से जुड़े मुद्दे भी उठाए। छात्रों के अनुसार, प्रशासन के खिलाफ उनकी शिकायत रही है कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी संस्थान का कामकाज सामान्य रूप से चलता रहता है। प्रदर्शन के बाद शनिवार को होने वाली मध्य-सत्र परीक्षा स्थगित किए जाने की घोषणा की गई।
आईआईटी बॉम्बे ने अपने बयान में छात्र की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। संस्थान ने कहा कि वह छात्र के मित्रों, सहपाठियों, शिक्षकों और इस घटना से प्रभावित अन्य लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा है। संस्थान के अनुसार, छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है।