

Husain Dalwai React On Yogi Adityanath Sanatan Dharma: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'सनातन धर्म' का अपमान करने वालों की हार के दावे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि सनातन धर्म को पूरे देश का धर्म मानना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि हिंदू धर्म और सनातन धर्म में बुनियादी अंतर है। दलवाई के मुताबिक, हिंदू धर्म की परंपरा उदार रही है, विशेषकर महाराष्ट्र के साधु-संतों की विरासत इसका प्रमाण है, जबकि सनातन धर्म की बात करने वाले जाति व्यवस्था का समर्थन करते हैं।
हुसैन दलवाई ने वैचारिक मतभेदों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की हार स्वाभाविक नहीं है, बल्कि उन्हें विभिन्न अनैतिक तरीकों से हराया गया है। दलवाई ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाकर उनके खिलाफ जांच शुरू करने की मांग की।
बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी के भविष्य को लेकर दलवाई ने कहा कि नैतिकता और कानून के आधार पर उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी एकजुटता के लिए राहुल गांधी का ममता बनर्जी को समर्थन देना एक सकारात्मक कदम है। उनके अनुसार, 'इंडिया' गठबंधन को अब और अधिक सक्रिय होकर फासीवाद के खिलाफ देशभर में संघर्ष करना होगा।
हुसैन दलवाई ने चेतावनी दी कि यदि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं इसी तरह काम करती रहीं, तो संविधान और लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने आरएसएस (RSS) और भाजपा पर फासीवाद फैलाने का आरोप लगाया। दलवाई का मानना है कि वर्तमान राजनीतिक माहौल देश को फासीवाद की ओर धकेल रहा है, जिसे रोकने के लिए सभी विपक्षी दलों का एकजुट होना अनिवार्य है।
अपने बयान में दलवाई ने हिंदू धर्म की व्यापकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हिंदू धर्म की एक समृद्ध और उदार परंपरा रही है, जहाँ साधु-संतों ने मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन धर्म के नाम पर केवल जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो देश की समावेशी संस्कृति के खिलाफ है।