

Akhil Bharatiya Rajbhasha Sammelan Mumbai: गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों, विभागों, उपक्रमों और बैंकों में हिंदी के व्यापक प्रसार व प्रभावी कार्यान्वयन के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में 14 और 15 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हिंदी दिवस और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का संयुक्त आयोजन होने जा रहा है।
यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन नवी मुंबई स्थित सिडको एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रगामी प्रयोग को और अधिक सुदृढ़ करने तथा इसकी वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
राजभाषा विभाग ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों, अधीनस्थ कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), बैंकों और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों के अध्यक्षों से अपील की गई है कि वे अपने संस्थानों से अधिक से अधिक प्रतिनिधियों को भेजें।
इसके अलावा, देश भर के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और हिंदी विभाग के प्रोफेसरों को भी इस सम्मेलन में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का यात्रा भत्ता (TA) और दैनिक भत्ता (DA) उनके संबंधित मंत्रालय, कार्यालय या संगठन द्वारा नियमानुसार वहन किया जाएगा। इसके साथ ही, मुंबई में प्रतिभागियों को अपने रहने व ठहरने की व्यवस्था स्वयं ही करनी होगी।
राजभाषा कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सम्मेलन में शामिल होने के लिए सभी प्रतिभागियों को पूर्व-पंजीकरण कराना होगा, जो कि पूर्णतः निःशुल्क है। इच्छुक प्रतिभागी राजभाषा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट rajbhasha.gov.in पर जाकर उपलब्ध डायरेक्ट लिंक से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
बता दें कि भारत में हर साल 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को देश की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।