...तो गार्ड कैसे पहचानेगा? बुर्का बैन के समर्थन में उतरी MNS, कहा- परीक्षा में गड़बड़ी का खतरा

Mumbai News: गोरेगांव के विवेक कॉलेज में बुर्का और नकाब पर लगी रोक के बाद छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। दो गुट आमने-सामने आ गए और स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को तैनात करना पड़ा।
Burqa Ban Politics
बुर्का बैन (सौ. सोशल मीडिया )
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Goregaon burqa ban protest: गोरेगांव के विवेक विद्यालय व जूनियर कॉलेज में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब प्रबंधन ने कक्षाओं के अंदर बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने वाला ड्रेस कोड लागू कर दिया।

इस नियम से छात्राओं में आक्रोश फैल गया और गुरुवार को छात्राओं के एक समूह ने विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया, विवाद बढ़ने से दो गुटों के आमने-सामने आने की स्थिति निर्माण हो गई। एहतियातन कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

विवेक कॉलेज में ड्रेस कोड लागू करने के विरोध में एक समुदाय की छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठ गई। एआईएमआईएम महिला विंग की उपाध्यक्ष जहांआरा शेख ने भी आंदोलनकारी छात्राओं को अपना समर्थन दिया और कॉलेज से इस आदेश को वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कॉलेज प्रशासन बुर्का पहनने के उनके अधिकार को बहाल करे, जिसकी अनुमति वर्षों से परिसर में दी जाती रही है। इस मामले से कॉलेज परिसर में विवाद बढ़ने की आशंकाओं के बीच कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया।

इस प्रोटेस्ट को एमआईएम ने समर्थन दिया था। इस बीच मनसे के कार्यकर्ता भी कॉलेज परिसर में पहुंच गए। इस वजह से कुछ देर के लिए इलाके का माहौल काफी गरमा गया। स्थिति बिगड़ने की आशंकाओं के बीच कॉलेज गेट पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्माण हो गई थी। बहरहाल पुलिस ने समझा बुझाकर प्रदर्शनकारी छात्राओं को कॉलेज से घर भेज दिया।

परीक्षा में हो सकती है गड़बड़ी

मनसे पदाधिकारियों ने कहा कि यह एक स्कूल है। यहां विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं। हम किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन छात्राएं बुर्का पहनकर आएंगी, तो सिक्योरिटी गार्ड कैसे पहचानेगा? इससे परीक्षा में गड़बड़ी भी हो सकती है। स्कूलों में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए, हम इसके खिलाफ हैं।

कॉलेज प्रशासन पर मनमानी का आरोप, पुनर्विचार करें

  • विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने बताया कि बुर्का पहनी छात्राओं को कॉलेज के गेट पर रोका जा रहा है और वे प्रिंसिपल से नीति पर पुनर्विचार करने की गुहार लगा रही है। प्रिंसिपल अपने रुख पर अड़ी हुई है।
  • हमने प्रतिबंध पर सवाल उठाया तो कहा गया कि यदि वे असहमत हैं तो उनके दाखिले रद्द कर दिए जाएंगे, हम वर्षों से बिना किसी समस्या के बुर्का पहनते आ रहे हैं।
  • अचानक वे इसे अनुचित कह रहे हैं। इसका विरोध जारी रहेगा। अगर हमें इस प्रतिबंध के बारे में पहले से बताया गया होता, तो हम यहां एडमिशन नहीं लेते। हमने कॉलेज में बुर्का प्रतिबंध के संबंध में उप-प्राचार्य के समक्ष मामला उठाया था। हमे प्रिंसिपल से मिलने के लिए समय दिया था, लेकिन जब हम प्रिंसिपल से मिलने गए तो हमे अंदर नहीं जाने दिया गया।
  • कॉलेज प्रबंधन ने स्पाट किया है कि यह कदम धार्मिक रूप से प्रेरित नहीं है। यह तटस्थ शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। हालांकि बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन हिजाब और स्कार्फ की अनुमति जारी रहेगी, यह नियम केवल जूनियर कॉलेज सेक्शन पर लागू होता है, सीनियर कॉलेज पर नहीं।
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