

गोवा नाइट क्लब अग्निकांड के 25 मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये जमा कराने का निर्देश।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्लब मालिकों को अंतरिम राहत देने को कहा।
मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
Bombay High Court Order: गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले 25 लोगों के परिजनों को अंतरिम राहत देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है।
अदालत ने क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए 20-20 लाख रुपये जमा कराने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की खंडपीठ ने दिसंबर 2025 में हुए अग्निकांड के पीड़ितों को राहत देने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि राशि जमा करने की व्यवस्था मुख्य मामले में होने वाली अंतिम दलीलों के अधीन रहेगी। यानी मुआवजे को लेकर दोनों पक्षों की कानूनी दलीलें आगे भी जारी रहेंगी।
मृतकों के परिजनों की ओर से पेश अधिवक्ता प्राची सावंत ने अदालत को बताया कि प्रत्येक परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई थी।
उनके अनुसार, नाइट क्लब के मालिकों ने 25 लाख रुपये देने की पेशकश की थी। सुनवाई के दौरान मुआवजे की राशि को लेकर दोनों पक्षों के बीच अंतर सामने आया।
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सुझाव दिया कि नाइट क्लब के मालिक मुख्य मामले में अपनी कानूनी दलीलों को प्रभावित किए बिना अंतरिम राहत के तौर पर 20-20 लाख रुपये जमा कराएं।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि राशि न्यायालय में जमा की जाए और मुख्य मामले में कानूनी लड़ाई जारी रखी जा सकती है। पीठ ने दोनों पक्षों से अगली सुनवाई से पहले इस व्यवस्था पर सहमति बनाने को भी कहा।
गोवा के इस नाइट क्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का मुद्दा अदालत के समक्ष आया है। अब मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
अंतरिम राशि जमा कराने का निर्देश पीड़ित परिवारों को राहत देने की दिशा में उठाया गया कदम है, जबकि अंतिम मुआवजे पर निर्णय मुख्य मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।