Ganesh Naik Eknath Shinde Clash: वन मंत्री और भाजपा नेता गणेश नाईक ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अप्रत्यक्ष रूप से, लेकिन बेहद तीखे शब्दों में निशाना साधा है। सानपाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने शिंदे की कार्यप्रणाली, विशेष रूप से क्लस्टर योजना के क्रियान्वयन पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि 'बिल्डरों के चक्कर में पड़कर इन लोगों ने महाराष्ट्र को 10 साल पीछे धकेल दिया है।'
नाईक के इस बयान के बाद महायुति में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में पुनर्विकास के मुद्दे पर गणेश नाईक आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि कॉलोनियों में 20 वर्ष पहले बनाए गए मकानों का पुनर्निर्माण सामान्य पुनर्विकास के बजाय क्लस्टर योजना के माध्यम से किया जाता है, तो यह शहर के लिए बेहद नुकसानदायक होगा। कॉलोनी क्षेत्रों की इमारतों के पुनर्विकास के लिए क्लस्टर योजना लागू करना सीधे तौर पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने जैसा है।
नाईक ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपने फायदे के लिए बिल्डरों के पीछे चलकर महाराष्ट्र को 10 साल पीछे धकेला गया है। यदि किसी ने ऐसा प्रयास किया तो उनके मुंह से पैसे निकलवाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जनता को मूर्ख समझकर कोई उन्हें थपकी देने या दबाने की कोशिश करेगा तो उसे उसकी हैसियत दिखाने की ताकत उनमें है। नाईक ने आगे कहा कि जनता को गृहीत मानकर कोई नाटक करेगा तो उस नाटक का तमाशा कैसे करना है, यह गणेश नाईक दिखा देंगे।
योगेश कदम ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच बेहद अच्छे संबंध हैं। महायुति में किसी भी तरह की कटुता पैदा न हो, इसकी जिम्मेदारी गणेश नाईक जैसे वरिष्ठ नेताओं की है। नाईक के मन में जो भी नाराजगी या असंतोष है, उसे वे अपने वरिष्ठ नेताओं के सामने रखें और इस मुद्दे को हमेशा के लिए समाप्त करें।
गणेश नाईक के बयान से महायुति का आंतरिक राजनीतिक विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। नाईक ने सीधे तौर पर एकनाथ शिंदे का नाम नहीं लिया, लेकिन योगेश कदम द्वारा शिंदे का बचाव करते हुए नाईक को जवाब दिए जाने से बयान का राजनीतिक स्पष्ट हो गया है।
गणेश नाईक के बयान को आधार बनाकर यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने भी एकनाथ शिंदे पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के पास बहुत-सा डेटा आता रहता है, इसलिए गणेश नाईक जो कह रहे हैं, वह संभवतः सब भी हो सकता है। आदित्य ने आरोप लगाया कि शिंदे ने 10 साल में नहीं, बल्कि कई सौ वर्षों तक इंसानियत को पीछे धकेलने का काम किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी शिंदे पर किसी मामले में कार्रवाई की संभावना बनती है, तो वे दरेगांव क्यों चले जाते हैं? इस पर सभी को विचार करना चाहिए।
गणेश नाईक की तीखी टिप्पणी के बाद महायुति में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने उन्हें जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गणेश नाईक को अब इस तरह की बयानबाजी बंद करनी चाहिए। हम महायुति में मिलकर काम कर रहे हैं। एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री के रूप में ढाई वर्ष तक मजबूती से काम किया है। कदम ने कहा कि यदि शिंदे ने बगावत नहीं की होती तो आज गणेश नाईक मंत्री भी नहीं होते। उन्हें इस बात का एहसास रखना चाहिए।