माघ पूर्णिमा पर बन रहे चार दुर्लभ संयोग, आज होगा माघ मेले का समापन

Magha Purnima
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मुंबई: सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में माघ मास का विशेष महत्व है। स्नान, दान, धर्म और अनुष्ठान के इस मास का समापन रविवार को माघी पूर्णिमा  के साथ हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। यदि गंगा (Ganga) समेत सभी सातों पवित्र नदियों में स्नान का अवसर न मिले तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करने से वही पुण्य प्राप्त होता है। 

इस वर्ष माघ पूर्णिमा पर आयुष्मान, सौभाग्य, रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष में इन शुभ योगों को बेहद ही शुभ फलदायी माना जाता है। 

माघ पूर्णिमा पर बन रहे शुभ संयोग 

पूर्णिमा तिथि चार फरवरी को रात्रि 09:29 बजे से शुरू होकर 5 फरवरी रात्रि 11:58 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, माघ पूर्णिमा 5 फरवरी को ही मान्य है और मनाई जाएगी।  चार फरवरी को दोपहर 01:53 बजे से 5 फरवरी को दोपहर 2:42 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा। रविवार को सुबह 07:10 बजे से दोपहर 12:13 बजे तक रवि पुष्य नक्षत्र होगा। पांच फरवरी को दोपहर 02:42 बजे से पांच फरवरी को दोपहर 03:26 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा। पांच फरवरी को सुबह 07:10 से दोपहर 12:13 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। 

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