

Maharashtra Politics: हाल के दिनों में हुई उठापठक के बाद अब महायुति सरकार में सर्जरी की तैयारी पूरी हो गई है। हालांकि इस दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार मुंबई में व्यस्त रहे, जबकि डीसीएम एकनाथ शिंदे दिल्ली दरबार में बीजेपी के बड़े नेताओं के सामने गुहार लगाने में जुटे रहे। सूत्रों के मुताबिक शिंदे गुट के कुछ मंत्रियों के काम को लेकर बीजेपी आलाकमान खुश नहीं है। हाल ही में सीएम फडणवीस ने दिल्ली जाकर इस बारे में अपने सीनियर नेताओं को ब्रीफ किया था। ऐसे में अब डैमेज कंट्रोल के लिए शिंदे दिल्ली पहुंच गए हैं।
दिल्ली से ऐसी जानकारी मिली है कि एकनाथ शिंदे नेताओं से मिलने के दौरान मीडिया से बचने के लिए कई नई तिकड़म अपना रहे हैं। बीजेपी के एक बड़े नेता से मिलने के लिए वे अपनी गाड़ी बदल कर पहुंचे थे लेकिन इसकी भनक मीडिया को मिल गई। अपनी मुलाकात को गोपनीय रखने के लिए वे हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।
हाल के दिनों में उनकी मुश्किलें उस समय बढ़ गईं जब झारखंड पुलिस उनके करीबी माने जाने वाले अमित सालुंखे को गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई, साथ ही शिंदे गुट के कैबिनेट मंत्री दादा भुसे के करीबी रिश्तेदार व वसई विरार के पूर्व आयुक्त अनिल पवार के घर पर ईडी द्वारा छापा मारा गया। कथित रूप से नोटों से भरे बैग के साथ कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट का वीडियो वायरल होना भी शिंदे के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो रहा है।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने सीएम के साथ गुरुवार की सुबह सह्याद्री अतिथि गृह में एक विशेष बैठक की। रिपोर्ट है कि बैठक में माणिकराव कोकाटे के कृषि विभाग को बदलने का फैसला लिया गया। कोकाटे को लेकर अजित पवार और एकनाथ शिंदे के बीच सहमति नही बन पाई। सीएम फडणवीस ने गुरुवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से भी मुलाकात की। इस वजह से भी कैबिनेट विस्तार की अटकलों को बल मिला है।