NCP Sunetra Pawar Election Commission: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय चुनाव आयोग के एक पत्र ने पार्टी की अंदरूनी सियासत को और गर्मा दिया है।
आयोग ने 27 जुलाई को भेजे गए पत्र में पार्टी से संविधान में किए गए संशोधनों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक प्रक्रिया को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद 26 फरवरी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था।
साथ ही पार्टी संविधान की धारा 6, 7, 12, 32 और 36 में संशोधन किए गए। हालांकि, इन संशोधनों की सूचना चुनाव आयोग को उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके संबंध में आयोग ने स्पष्टीकरण मांगा है।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कानूनी चुनौती दी है।
उन्होंने सुनेत्रा पवार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं चुनाव आयोग के नोडल अधिकारी बृजमोहन श्रीवास्तव को कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में मांग की गई है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की पूरी प्रक्रिया को गैर-कानूनी घोषित किया जाए। सच्चिदानंद सिंह का दावा है कि अजीत पवार के निधन के बाद यह तय हुआ था कि प्रफुल पटेल अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
इसके बावजूद अलग राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाकर अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई, जिस पर उन्होंने सवाल उठाए हैं। अब चुनाव आयोग की ओर से मांगी गई जानकारी और कानूनी चुनौती के बाद राकां के भीतर नेतृत्व विवाद और तेज होने की संभावना है।