

Eknath Shinde Skips Maharashtra Cabinet Meeting: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हुए, उनके बैठक से गायब रहने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई। दरअसल शिंदे अचानक दिल्ली पहुंच गए हैं, जहां वे शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं।
सोमवार को ही चर्चा चल रही थी कि शिंदे, सीएम देवेंद्र फडणवीस से नाराज हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अमराठी ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा बोलने की सख्ती संबंधी आदेश को फडणवीस ने एक साल के लिए स्थगित कर दिया था। अटकलें लगाई जा रही थीं कि शिंदे गुट के मंत्रियों की नाराजगी कैबिनेट बैठक में देखने को मिल सकती है। हालांकि कैबिनेट बैठक में शिंदे गुट के मंत्री शामिल हुए लेकिन शिंदे खुद बैठक में नदारद रहे।
दिल्ली में एकनाथ शिंदे ने ठाकरे गुट द्वारा धनुष बाण चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने की मांग पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे धनुष बाण को पूजा घर में रखते थे।
ठाकरे गुट ने 2019 में ही हिंदुत्व और बालासाहेब के विचारों को छोड़ दिया था और अब वे चिन्ह को खत्म करना चाहते हैं। शिंदे ने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय होते हैं और उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
बुधवार से सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह मामले पर फिर से सुनवाई शुरू हो रही है। कोर्ट में शिंदे गुट की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और नीरज किशन कौल पक्ष रखेंगे।
इससे पहले उद्धव गुट की तरफ से कपिल सिब्बल और देवदत कामत ने लगातार आठ दिनों तक अपनी दलीलें पेश की थीं। इसी सिलसिले में वकीलों से अंतिम चर्चा करने के लिए शिंदे एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचे।