

ईडी ने कथित अवैध एग निकालने-बेचने वाले रैकेट में 11 ठिकानों पर छापेमारी की।
40 से अधिक महिलाओं के शोषण की आशंका, हर साइकिल के ₹25–30 हजार देने का आरोप।
फर्जी दस्तावेजों और हार्मोनल इंजेक्शन के इस्तेमाल की जांच जारी।
ED Raids Illegal Egg Donation Racket: महाराष्ट्र में कथित अवैध मानव अंडा निकालने और बेचने वाले रैकेट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बदलापुर, उल्हासनगर, नासिक और बारामती समेत 11 स्थानों पर छापेमारी की।
जांच में 40 से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के शोषण की आशंका जताई गई है। आरोप है कि महिलाओं को पैसों का लालच देकर बार-बार एग रिट्रीवल यानी अंडाणु निकालने की प्रक्रिया से गुजारा जाता था।
जांच के मुताबिक, कथित रैकेट से जुड़े लोग महिलाओं को प्रत्येक प्रक्रिया के लिए 25,000 से 30,000 रुपये देने का वादा करते थे। आरोप है कि अंडाणुओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए महिलाओं को लगातार 10 से 12 दिनों तक हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते थे। इसके अलावा, कथित तौर पर नियमों के विरुद्ध सोनोग्राफी भी कराई जाती थी।
जांच में एक महिला से कथित तौर पर 33 बार अंडाणु निकालने की प्रक्रिया कराए जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में महिलाओं के स्वास्थ्य और उनकी सहमति से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह मामला बदलापुर पुलिस की ओर से मई 2026 में दाखिल की गई चार्जशीट के बाद सामने आया। बताया गया है कि चार्जशीट में कुछ फर्टिलिटी सेंटर, अस्पतालों और स्थानीय एजेंटों की कथित संलिप्तता का उल्लेख किया गया था। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, महिलाओं की पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था। मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक महिला ने वादा किया गया भुगतान नहीं मिलने पर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत की।
शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में हार्मोनल इंजेक्शन और सिरिंज बरामद किए गए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मौजूदा कार्रवाई का उद्देश्य कथित रैकेट से जुड़े लोगों और गतिविधियों की जांच करना है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।