अनिल अंबानी ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई: 1,021 करोड़ की नई संपत्तियां अटैच; अब तक कुल 20,367 करोड़ की जब्ती

Enforcement Directorate Raid: ईडी ने रिलायंस होम व कमर्शियल फाइनेंस मामले में अनिल अंबानी ग्रुप की ₹1,021 करोड़ की नई संपत्ति अटैच की। पीएमएलए के तहत अब तक कुल ₹20,367 करोड़ की जब्ती हुई।
ED attaches fresh assets worth ₹1,021 crore of Reliance Anil Ambani Group in a PMLA case, taking the total seized value to ₹20,367 crore. 8 officials arrested.
अनिल अंबानी ग्रुप पर ED का ऐक्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mumbai Anil Ambani Reliance: प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक और बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामले में 1,021 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है।

इस नई कार्रवाई के बाद रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ ईडी द्वारा अब तक अटैच की गई कुल संपत्तियों की कीमत 20,367 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। ईडी के मुताबिक इस बार जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर शामिल हैं। इसके अलावा सासन पावर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड से मिलने वाली कुछ लोन राशि को भी अटैच किया गया है।

80 ठिकानों पर छापेमारी जांच एजेंसी ने बताया कि रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ फिलहाल पीएमएलए के तहत चार केस दर्ज हैं, जबकि फेमा के तहत तीन अलग-अलग मामले भी दर्ज किए गए हैं।

इन मामलों की जांच के दौरान इंडी अब तक 80 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। इन छापों में बड़ी संख्या में दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम सबूत जुटाए गए हैं।

4 चार्जशीट दाखिल

ईडी ने यह भी बताया कि पीएमएलए के तहत अब तक चार चार्जशीट अदालत में दाखिल की जा चुकी हैं, जबकि फेमा के तहत एक शिकायत भी दायर की गई है।

इसके अलावा फेमा के प्रावधानों के तहत 77.86 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी अटैच की जा चुकी हैं।

इस पूरे मामले में जांच एजेंसी अब तक रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के आठ वरिष्ठ अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईंडी के मुताबिक सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच अभी भी जारी है।

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