न्हावा शेवा बंदरगाह पर चीनी पटाखों की तस्करी नाकाम, 6.32 करोड़ के 20 मीट्रिक टन पटाखे जब्त

Nhava Sheva Port: मुंबई के न्हावा शेवा पर DRI ने 6.32 करोड़ रुपये मूल्य के 20 मीट्रिक टन अवैध चीनी पटाखे जब्त किए, जिनमें प्रतिबंधित रसायन थे और जन सुरक्षा के लिए खतरा था।
चीनी पटाखों की तस्करी (pic credit; social media)
चीनी पटाखों की तस्करी (pic credit; social media)
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Smuggling of Chinese Firecrackers: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) मुंबई ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर चीनी पटाखों की तस्करी को नाकाम कर दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कुल 20 मीट्रिक टन यानी करीब 6.32 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध पटाखों और आतिशबाजी को जब्त किया गया।

जांच में सामने आया कि इन पटाखों को लेगिंग्स के रूप में गलत घोषित कर तस्करी की जा रही थी ताकि जांच से बचा जा सके। कंटेनर का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा चीनी पटाखों और आतिशबाजी से भरा पाया गया। इन पटाखों को छिपाने के लिए ऊपरी परत में लेगिंग्स रखी गई थी। कुल 60,000 पटाखे जब्त किए गए और इन्हें सीमा शुल्क अधिनियम के तहत जब्त किया गया।

डीआरआई अधिकारियों ने बताया कि इन पटाखों में लाल सीसा, कॉपर ऑक्साइड और लिथियम जैसे प्रतिबंधित रसायन पाए गए हैं। ये अत्यधिक ज्वलनशील रसायन जन सुरक्षा, बंदरगाह अवसंरचना और रसद आपूर्ति श्रृंखला के लिए खतरा हैं।

हाल ही में डीआरआई ने ऑपरेशन 'फायर ट्रेल' के तहत भी 35 करोड़ रुपये मूल्य के 100 मीट्रिक टन अवैध पटाखों को सात कंटेनरों में जब्त किया था। न्हावा शेवा, मुद्रा और कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में पाए गए ये पटाखे विदेश व्यापार नीति के तहत 'प्रतिबंधित' माने जाते हैं। इनका आयात करने के लिए DGFT और PESO से लाइसेंस की आवश्यकता होती है।

डीआरआई ने बताया कि पटाखों की तस्करी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। अवैध आतिशबाजी और पटाखों का सही लाइसेंस और नियंत्रण न होने से आग और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से तस्करों को कड़ी चेतावनी मिलती है।

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