डोंगरी पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह का किया भंडाफोड़, 17 खातों में मिला 125.45 करोड़ रुपये का बड़ा लेनदेन

Dongri Police Action: मुंबई की डोंगरी पुलिस ने साइबर फ्रॉड और बेटिंग के लिए फर्जी बैंक खाते मुहैया कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। 17 खातों में 125.45 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला।
Mumbai Dongri Police busts cyber fraud gang
डोंगरी पुलिस कार्रवाईसोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai Cyber Mule Bank Accounts Crime: डोंगरी पुलिस साइबर स्क्वाड ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट बेटिंग और साइबर फ्रॉड के लिए फर्जी और किराए के बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मुंबई, नवी मुंबई और मध्य प्रदेश में एक साथ कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह से जुड़ी तीन महिलाओं को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं।

कमजोर लोगों को लालच देकर खुलवाते थे खाते

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मामूली रकम देने का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद आरोपियों द्वारा इन खातों की पासबुक, डेबिट कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए जाते थे। इनका इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी और अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था।

मुंबई, नवी मुंबई और मध्य प्रदेश में छापेमारी

गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने मुंबई, नवी मुंबई और मध्य प्रदेश में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने 42 पासबुक, 70 डेबिट कार्ड, 36 सिम कार्ड और 23 मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा एक लैपटॉप और कार समेत करीब 50 लाख रुपये का सामान भी जब्त किया गया है।

110 बैंक खातों से जुड़ा नेटवर्क

जांच के दौरान पुलिस के हाथ 110 बैंक खातों की जानकारी लगी है। इनमें से शुरुआती तौर पर केवल 17 खातों की जांच की गई। इन 17 खातों में करीब डेढ़ से दो महीने के भीतर 125.45 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन सामने आया है। इतनी बड़ी रकम के लेनदेन से पुलिस को गिरोह के नेटवर्क के व्यापक होने का संदेह है।

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बेटिंग और साइबर फ्रॉड से जुड़े तार

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल किन-किन ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, क्रिकेट बेटिंग नेटवर्क और साइबर फ्रॉड मामलों में किया गया। साथ ही, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और खाताधारकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े और भी बैंक खाते तथा आरोपी सामने आ सकते हैं।

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