

Mumbai Dog Bite Cases Rise 2026 BMC Statistics: मुंबई शहर में लगातार श्वान काटने के मामले सामने आ रहे है। इनमें पालतू वान से लेकर आवारा श्वान शामिल हैं। बीएमसी लगातार नसबंदी और वैक्सीनेशन अभियान चला रही है लेकिन यह कारगर उपाय साबित नहीं हो रहे है।
बीएमसी की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2024 में श्वान के काटने के 1 लाख 28 252 मामले दर्ज हुए वही वर्ष 2025 में 1 लाख 54 हजार 17 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2025 में वर्ष 2024 की तुलना में मामलों में लगभग 20।1% की वृद्धि हुई है।
वही पिछले महीने जून में 518 मामले सामने आए है, जिसमें से 21 श्वान पालतू थे। बीते महीने अप्रैल में शहर में आवारा श्वान की नसबंदी और देखरेख को लेकर 23 करोड़ रुपये की योजना को बुधवार को बीएमसी की स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमिटी) ने मंजूरी दे दी है।
प्रस्ताव के तहत अगले तीन वर्षों में करीब 1.34 लाख श्वान की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई शहर में आवारा श्वान के काटने की घटनाएं बढ़ रही है। हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, मनपा 1998 से गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से श्वान की नसबंदी करवा रही है और इस पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके है।
इसके बावजूद समस्या कम नहीं हुई है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में आवारा श्वान की संख्या 90.757 है, जिनमें से 33,671 श्वान की नसबंदी नहीं हुई है। इनमें 22,447 नर और 11,224 मादा श्वान शामिल है। कुल 57,086 श्वान की नसबंदी हो चुकी है।
बीएमसी और वर्ल्डवाइड वेटरनरी सर्विसेज होप मिशन रेबीज इंडिया के बीच गुरुवार को बीएमसी मुख्यालय में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत मुंबई में आवारा श्वानों का रेबीज रोधी टीकाकरण निःशुल्क किया जाएगा। यह समझौता वर्ष 2026 से 2028 तक तीन वर्षों के लिए किया गया है। इस पहल के अंतर्गत मुंबई में रेबीज की रोकथाम और उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।