डॉक्टरों से मारपीट मामला: शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को बड़ा झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द की जमानत

Ramesh Mhatre Bail Cancelled: डॉक्टरों से मारपीट मामला में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। अदालत ने जमानत रद्द कर 19 जुलाई तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।
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बॉम्बे हाईकोर्ट और रमेश म्हात्रे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bombay HC Cancels Shiv Sena Corporator Ramesh Mhatre Bail: महाराष्ट्र के कल्याण में नगर निगम के अस्पताल के अंदर डॉक्टर पर हमला करने के मामले में गिरफ्तार हुए शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने डॉक्टरों की एसोसिएशन को सोमवार को बुलाई गई राज्यव्यापी हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कल्याण के एक अस्पताल में तीन डॉक्टरों की पिटाई के मामले में यह एक्शन लिया है। हाईकोर्ट ने मामले का खुद संज्ञान लिया और मजिस्ट्रेट के फैसले पर हैरानी जताई। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच ने मजिस्ट्रेट के आदेश पर हैरानी जताई।

19 जुलाई तक सरेंडर का अल्टीमेटम

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले को बहुत हल्के में लिया गया है। अब रमेश म्हात्रे को 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर वह डोंबिवली पुलिस स्टेशन में पेश नहीं होते तो उनकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है। कोर्ट ने कहा एक आरोपी अपने चार साथियों के साथ अस्पताल में घुसकर तीन डॉक्टरों को बेरहमी से पीटता है। यह डॉक्टरों के खिलाफ उसके गुस्से को दिखाता है। इसके बावजूद मजिस्ट्रेट ने मामले को बहुत हल्के में लिया।

पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज करने पर कोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने माना कि आरोपी रमेश म्हात्रे के पुराने रिकॉर्ड को भी ध्यान में नहीं रखा गया। डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का असर पूरे मेडिकल स्टाफ पर पड़ा है। यह सभी सरकारी कर्मचारी हैं और दिन रात लोगों की सेवा करते हैं। पुलिस इस मामले में म्हात्रे से पूछताछ करना चाहती थी।

समय पर पेश न होने पर कड़े एक्शन की तैयारी

मुंबई हाईकोर्ट को इस बात पर काफी हैरानी हुई कि मजिस्ट्रेट ने आरोपी को जांच में सहयोग करने का कोई निर्देश नहीं दिया। पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाने जैसी कोई शर्त भी नहीं रखी गई। हाई कोर्ट ने रमेश म्हात्रे को हर हाल में 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक डोंबिवली पुलिस स्टेशन में सरेंडर करने को कहा है। यह आदेश बहुत सख्त है, अगर वह दिए गए समय पर पुलिस के सामने पेश नहीं होते हैं तो पुलिस आगे कड़ा एक्शन लेगी।

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