

MARD President Dr. Atharva Shinde Statement: महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से जारी रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त रुख और दिए गए निर्देशों का सम्मान करते हुए महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान किया है। MARD के अध्यक्ष डॉ. अथर्व शिंदे ने स्पष्ट किया है कि डॉक्टरों का मकसद कभी भी मरीजों को परेशानी में डालना नहीं था और वे आज भी सरकार के साथ बातचीत के जरिए मिक्सोपैथी और क्रॉस-पैथी के मुद्दे का समाधान निकालने को तैयार हैं।
हड़ताल के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए MARD के प्रेसिडेंट डॉ. अथर्व शिंदे ने बताया कि हम सेंट्रल MARD और BMC MARD के जरिए हड़ताल पर थे। इस विरोध-प्रदर्शन में महाराष्ट्र के 35 सरकारी मेडिकल कॉलेजों, 4 म्युनिसिपल मेडिकल कॉलेजों और मुंबई के प्रतिष्ठित जेजे हॉस्पिटल के रेजिडेंट डॉक्टर शामिल थे। हम पिछले दो दिनों से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे।
डॉ. अथर्व शिंदे ने कहा कि डॉक्टरों का मुख्य उद्देश्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाना था। डॉक्टर चाहते हैं कि सरकार यह समझे कि रेजिडेंट डॉक्टर कभी किसी मरीज को तकलीफ में नहीं देखना चाहते। मरीजों की सेहत और उनकी सुरक्षा डॉक्टरों की हमेशा से सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है।
MARD अध्यक्ष डॉ. अथर्व शिंदे ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्देश के बाद हम अपने हड़ताल को वापस ले रहे हैं, लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन का तरीका क्या होगा? यह अदालत के लिखित निर्देश के बाद बताया जाएगा।
डॉ. शिंदे ने हड़ताल के मुख्य कारण को रेखांकित करते हुए कहा कि डॉक्टर मिक्सोपैथी और क्रॉस-पैथी का लगातार विरोध कर रहे हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि मरीजों की सेहत को कोई नुकसान पहुंचे। इसीलिए हम मिक्सोपैथी के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। हालांकि, अब हाई कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हुए हमने हड़ताल खत्म कर दी है। हम मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील करते हैं कि वे हमें बातचीत की मेज पर बुलाएं और इस मामले में कोई बीच का रास्ता निकालें।
MARD अध्यक्ष डॉ. अथर्व ने यह भी उजागर किया कि डॉक्टर लगातार शासन के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया, "हम सितंबर 2025 से सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। यहां तक कि कल भी हमारी सरकार के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई थी। हालांकि, अभी तक कोई ठोस बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है। फिर भी मरीजों के हित में हम आगे भी सरकार के साथ सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने दोहराया कि MARD, सेंट्रल MARD और BMC MARD पिछले कई सालों से स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार और मरीजों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं। संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि महाराष्ट्र के किसी भी सरकारी या कॉर्पोरेशन मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज और सुरक्षा से कोई समझौता न हो।