

CJP Workers Protest Outside Abhijeet Dipke House: नीट पेपर लीक को प्रदर्शन के बाद सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर अंदरूनी कलह और मतभेद अब खुलकर सड़कों पर आ गए हैं। छत्रपति संभाजीनगर में दो कार्यकर्ताओं ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन की कोर कमेटी के गठन में भारी पक्षपात और भाई-भतीजावाद किया जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पार्टी की कोर कमेटी बनाने में पक्षपात और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया और जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े सभी कोऑर्डिनेटर्स को प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं की सबसे प्रमुख मांग यह है कि जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े रहे सभी कोऑर्डिनेटर्स को पार्टी और कोर कमेटी में उचित व समान प्रतिनिधित्व दिया जाए। उनका कहना है कि आंदोलन की नींव रखने वाले और लगातार संघर्ष करने वाले छात्रों व युवा समन्वयकों को दरकिनार करके चुनिंदा लोगों को तरजीह दी जा रही है।
विरोध प्रदर्शन कर रहे CJP कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने अपनी नाराजगी जताते हुए मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संगठन के भीतर एक ग्रुप बना दिया गया है। हम सभी इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि अगर देश और संगठन का भला करना है, तो सभी चीजें पूरी तरह से लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़नी चाहिए।
मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि यह देश का आंदोलन है तो देश में जितने भी लोग पार्टी से जुड़े है उनके मत लेकर निर्णय लिया जाएं। उन्होंने अभिजीत दिपके पर आरोप लगाते हुए कि मेरा दोस्त है इसलिए उसे प्रवक्ता बना दिया जाए। उसकी गर्लफ्रेंड है इसलिए स्पोकपर्सन बना दूं। ये सब नहीं चलेगा। देश में जिन लोगों ने लाठियां खाई हैं। जिन्होंने आंदोलन किया, उन सभी लोगों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।जब तक लोकतंत्र नहीं, तब तक अन्न-जल त्याग
CJP कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने आगे कहा कि हमें सार्वजनिक रूप से इस तरह का बयान देने की जरूरत नहीं पड़ती और खुद हमें भी ऐसा कदम उठाने पर बहुत बुरा महसूस हो रहा है। लेकिन जब तक हम अपनी आवाज मुखर होकर नहीं उठाते, तब तक हमारी बात को सुना ही नहीं जाता। हमें देर रात करीब 1:00 बजे यह अहसास हुआ कि अब चुप रहना ठीक नहीं है और तभी हमें यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
पारदर्शिता की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने ने ऐलान किया कि आज से हम तब तक के लिए अन्न-जल त्याग रहे हैं जब तक कि लोकतांत्रिक तरीके से पूरी टीम का गठन नहीं हो जाता और संगठन के सभी फैसले पारदर्शी रूप से नहीं लिए जाते। जब तक संगठन में निष्पक्षता नहीं आती, तब तक हम इसे देश का सच्चा आंदोलन नहीं कह सकते।" कार्यकर्ताओं के इस कड़े रुख और अनिश्चितकालीन अनशन के बाद संगठन के भीतर हड़कंप मच गया है।