

दिवाली पर ऑनलाइन शॉपिंग के साथ साइबर ठगी का खतरा बढ़ा।
फेक लिंक, कॉल और आकर्षक ऑफर्स से सावधान रहने की मुंबई साइबर सेल की अपील।
ठगी होने पर तुरंत 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
Maharashtra Cyber Cell Diwali Online Shopping: दिवाली के अवसर पर ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज अपने चरम पर है। ग्राहक आकर्षक ऑफर्स और भारी छूट का लाभ उठाने के लिए बेताब रहते हैं। इस स्थिति को भुनाने के लिए जहां एक ओर ई-कॉमर्स कंपनियां तरह-तरह की लुभावनी डील्स पेश कर रही हैं, वहीं भीड़भाड़ से बचने और बड़ी छूट के चक्कर में लोग ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं। इस बीच, साइबर ठग भी पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। वे फेक लिंक्स, लुभावने विज्ञापनों और फर्जी कॉल्स के जरिए मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए घात बिछाए बैठे हैं।
इस बढ़ते खतरे को भांपते हुए मुंबई महाराष्ट्र साइबर सेल ने कमर कस ली है। पुलिस ने लोगों को सतर्क करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। साथ ही, बैंक खातों से गाढ़ी कमाई उड़ने से रोकने के लिए कई एहतियाती उपाय भी साझा किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस त्योहारी सीजन में थोड़ी सी सावधानी और सजगता ही ऑनलाइन फ्रॉड के जाल से सुरक्षित रख सकती है।
साइबर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अविश्वसनीय रूप से अच्छे ऑफर्स के साथ कॉल करने वाले अजनबियों से बात न करें। आमतौर पर ऐसे ऑफर नकली होते हैं। फोन, एसएमएस, सोशल मीडिया या ईमेल पर भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
किसी भी हालत में अपना यूजरनेम, पासवर्ड और ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं, किसी भी शॉपिंग कंपनी का लिंक खोजने के लिए सीधे गूगल सर्च पर न जाएँ। सर्च में टॉप पर आने वाला परिणाम नकली हो सकता है और असली ब्रांड का मुखौटा लगाकर आ सकता है। हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें।
पुलिस एक वरिष्ठ साइबर पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमेशा साइट रिव्यू चेक करके ही खरीदारी करें। त्योहारों के दिनों में लोग सोना, चांदी, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की ऑनलाइन खरीदारी बड़े पैमाने पर करते हैं।
शॉपिंग करने से पहले साइट की प्रमाणिकता जांच लें और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही पेमेंट करें। फिर भी अगर आप ठगी के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाएं। इसके अलावा तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि आपके खाते से निकले पैसे को समय रहते फ्रीज किया जा सके।
भरोसेमंद और जानी-मानी वेबसाइटों से ही शॉपिंग करें, फेक वेबसाइट और एप से हमेशा सावधान रहें।
अगर कोई डील जरूरत से ज्यादा आकर्षक लग रही है, तो सतर्क हो जाएं क्योंकि यह साइबर ठगों का मायाजाल हो सकता है।
क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट में करने से पहले वेबसाइट की सुरक्षा जांच लें।
खरीदारी करने से पहले उत्पाद और प्लेटफॉर्म का रिव्यू जरूर देखें कि पहले किसी अन्य ग्राहक ने वहां से खरीदारी की है या नहीं।
किसी के साथ भी अपना ओटीपी शेयर न करें, किसी भी कॉलर के बहकावे में न आएं और अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।
दिवाली के ऑफर्स का इंतजार पूरा साल रहता है। डिस्काउंट और गिफ्ट के समय ऑनलाइन शॉपिंग का मजा ही कुछ और है, लेकिन साइबर ठगों ने त्यौहार की खुशियों को फीका कर दिया है। अब तो ऑनलाइन खरीदारी करने से भी डर लगने लगा है।
अनीता राज विश्वकर्मा, सिलाई क्लास टीचर
कई वर्षों से दिवाली के समय 66 आने वाले ऑफर्स पर महिलाएं खरीदारी करती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन ठगी की घटनाएं बढ़ने के बाद। अब स्थानीय दुकानों पर जाकर खरीदारी करना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। मुंबई पुलिस ने ठगों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन इनसे और सख्ती से निपटने की जरूरत है।
शाहीन खान, अध्यक्ष, यूथ सपोर्ट सामाजिक संस्था