Parli में मुंडे का ताबड़तोड़ हमला, बोले-एक साल से शहर को बदनाम करने वालों को जवाब देंगे

परली चुनाव से पहले महायुति की बैठक में Dhananjay Munde ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि वह कई हमलों के बावजूद नहीं डिगे। कराड का अप्रत्यक्ष उल्लेख होते ही बीड में नए राजनीतिक कयास शुरू हो गए।
Dhananjay Munde
धनंजय मुंडे (सौ. सोशल मीडिया )
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Dhananjay Munde Statement In Parli: राकां अजीत पवार गुट के विधायक धनंजय मुंडे भले भी अपने करीबी मित्र वाल्मीकि कराड की वजह से मंत्री पद गवां चुके हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी दोस्त की कमी खल रही है।

परली नगर परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे और पूर्व मंत्री मुंडे की उपस्थिति में महायुति की एक विशाल संयुक्त कार्यकर्ता बैठक हुई। इसमें बोलते हुए मुंडे ने कहा कि हमें उन लोगों को जवाब देना है जिन्होंने पिछले एक साल से परली को बदनाम किया है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव हमारे सम्मान, स्वाभिमान और गर्व का है।

मैं डिगा नहीं

जॉइंट वर्कर्स मीटिंग में बोलते हुए धनंजय मुंडे ने महायुति के सभी उम्मीदकरी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में किसी चुनाव को आसानी से नहीं लिया। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि सामने वाला आदमी ढ़िढ़ोरा पीटकर आया है और मुझ पर कई बार हमला हुआ, लेकिन मैं डिगा नहीं। मंत्री पंकजा मुंडे ने अपने भाषण में महायुति के नगर परिषद उम्मीदवार पद्मश्री धर्माधिकारी को अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस बार महायुति को बड़ी जीत दिला कर परती के लोग इतिहास बनाने जा रहे हैं, - धनंजय मुंडे, विधायक, राकां

आज हमारे साथ एक व्यक्ति नहीं

मुंडे ने आगे कहा कि हाल के महीनों में बीड चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आज हमारे साथ एक व्यक्ति नहीं है। जगमित्र ऑफिस 10 महीने से खुला है लेकिन वहां एक भी आदमी नहीं है।

इस बयान के बाद बीड में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या धनंजय को मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के आरोपी कराड की याद आ गई। फिलहाल कराड इस मर्डर केस मामले में जेल में बंद है।

देशमुख हत्याकांड ने छीनी कुर्सी

सरपंच देशमुख मर्डर केस में मुंडे के बेहद करीबी कराड की गिरफ्तारी के बाद राकों के इस मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। इस मामले में महायुति में राकां की सहयोगी बीजेपी विधायक सुरेश धस ने ही मुंडे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था जिसके बाद धनंजय को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में इस क्षेत्र में राकां व बीजेपी के बीच भीतरघात का अंदेशा जताया जा रहा है।

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