

Devendra Fadnavis Bullet Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील की थी। इस अपील को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज सबको चौंका दिया। सीएम फडणवीस रॉयल एनफील्ड 350 बाइक पर सवार होकर विधान भवन पहुंचे। उनके साथ सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार और मुख्यमंत्री की पूरी सुरक्षा टीम भी थी ये सभी दोपहिया वाहनों पर यात्रा कर रहे थे। ईंधन बचाने और सादगी का संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम इस समय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाे अपील की है वाे देशहित में की है। उसका प्रचार हो इसलिए प्रतीकात्मक रूप से मैं आज मोटरसाइकिल से विधानभवन आया है। सभी मंत्रियों ने अपने काफिले में कटौती की है।
इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जारी किए गए निर्देश देश के सर्वोत्तम हित में हैं। इसलिए, हम सभी अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जब राज्य के राजनीतिक नेता ऐसी पहलों को बढ़ावा देते हैं, तो उसका संदेश जनता तक पहुंचता है। इसीलिए मैं आज मोटरसाइकिल पर आया हूं। हमने अपने आधिकारिक काफिले का आकार भी छोटा कर दिया है। इसके अलावा, हमने सभी के लिए विदेश यात्राएं रद्द कर दी हैं। हमारा प्रयास ईंधन बचाने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बचाने के विभिन्न तरीकों को खोजना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि कल के लिए सातारा में एक कार्यक्रम निर्धारित है। चूंकि इस कार्यक्रम की योजना काफी पहले ही बना ली गई थी और इस पर पहले ही धन खर्च हो चुका था इसलिए हमने उस विशेष कार्यक्रम को रद्द नहीं किया है। हालांकि, मैं यहां यह घोषणा करता हूं कि अगले छह महीनों तक हम सरकार की ओर से कोई भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं करेंगे।
प्रधानमंत्री की अपील को लेकर विपक्ष द्वारा की गई आलोचना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि विपक्षी दल को थोड़ी समझदारी दिखानी चाहिए। दुनिया भर के देश इससे कहीं ज्यादा कड़े फैसले लागू कर रहे हैं। इस संदर्भ में, पीएम मोदी ने हमसे बस एक छोटा सा त्याग करने को कहा है। असल में कोई भी कड़ा फैसला थोपा नहीं गया है। इसलिए, इस मामले पर इतना हंगामा करना ठीक नहीं है।
सीएम फडणवीस ने कहा कि ऐसे कदम पहले भी उठाए गए है। इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान भी ऐसे निर्णय लिए गए थे। पी. चिदंबरम ने भी 2012 में ऐसा ही फैसला लिया था। मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए अगर विपक्ष राष्ट्रीय हित की खातिर जरा सा भी समझौता करने को तैयार नहीं है, तो यह मानना ही पड़ेगा कि उनमें समझदारी की कमी है।
CM देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी के 15 तारीख को तय विदेश दौरे को लेकर हो रही आलोचना का भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा किए जाने वाले विदेश दौरों पर शक करने से बड़ी बेवकूफी है। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री विदेश जाते हैं तो इससे रणनीतिक साझेदारियां बनती हैं, देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विदेश यात्रा से बचने का निर्देश खास तौर पर उन यात्राओं के लिए था जो गैर-जरूरी हैं या जिन्हें टाला जा सकता है। इसका यह मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगर कोई भारतीय कारोबारी विदेश में कोई बड़ी डील पक्की करने की प्रक्रिया में है, तो उसे वह डील रद्द कर देनी चाहिए। जो लोग इस तरह की आलोचना कर रहे हैं, वे पूरी तरह से बेअक्ल है।