Nuclear Energy का नया युग, महाराष्ट्र बनेगा देश का अग्रणी राज्य, अमेरिकी कंपनियों को निवेश का न्योता

महाराष्ट्र बनेगा Nuclear Energy का हब! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमेरिकी कंपनियों को निवेश का आमंत्रण दिया। 7,000 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन और SMR तकनीक पर सरकार का फोकस। पढ़ें पूरी खबर।
A New Era of Nuclear Energy: Maharashtra Set to Become the Nation's Leading State; US Companies Invited to Invest
न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टिट्यूट और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम की बैठक
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Maharashtra Nuclear Energy: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों के विस्तार के कारण स्थिर और निरंतर बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। केवल सौर और पवन ऊर्जा के भरोसे दीर्घकालीन औद्योगिक विकास संभव नहीं है, इसलिए परमाणु ऊर्जा भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य बन गई है।

यूएस न्यूक्लियर एग्जीक्यूटिव मिशन इन इंडिया के तहत आयोजित न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टिट्यूट और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम की बैठक में सीएम देवेंद्र ने अमेरिकी परमाणु ऊर्जा कंपनियों को महाराष्ट्र में निवेश का आमंत्रण देते हुए कहा कि राज्य इस क्षेत्र में बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

महाराष्ट्र की ताकत और संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र 660 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश का प्रमुख औद्योगिक राज्य है। देश में आने वाले कुल विदेशी निवेश में से 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा महाराष्ट्र में आता है। मुंबई और नवी मुंबई में देश की लगभग 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता केंद्रित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र को केवल परमाणु रिएक्टरों के आयातक के रूप में नहीं, बल्कि परमाणु विनिर्माण, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

सरकार का एसएमआर पर जोर

देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि अमेरिकी कंपनियां यदि महाराष्ट्र में परमाणु उत्पादन और परियोजनाओं में पहल करती हैं तो राज्य सरकार औद्योगिक भूमि, बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, अनुसंधान सहयोग और विनिर्माण क्लस्टर स्थापित करने में पूरा सहयोग देगी। प्रारंभिक चरण के उद्योगों को अनुदान और विशेष रियायतें भी दी जाएंगी। साथ ही, स्मॉल मॉड्युलर रिएक्टर (एसएमआऱ) के क्षेत्र में भी महाराष्ट्र एक प्रमुख केंद्र बनने के लिए उत्सुक है।

भविष्य का लक्ष्य

ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला ने बताया कि राज्य की वर्तमान बिजली मांग 31 गीगावाट है, जो 2030 तक 42 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। महाराष्ट्र ने 2035 तक अपनी 65 प्रतिशत ऊर्जा जरूरत नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करने का लक्ष्य रखा है। महाजनको के प्रमुख राधाकृष्णन बी। ने बताया कि अगले दो दशकों में 7,000 मेगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टिट्यूट की अध्यक्ष मारिया कोर्सनिक ने भी कहा कि महाराष्ट्र में कुशल मानव बल, औद्योगिक तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला की उपलब्धता के कारण यहां निवेश की असीम संभावनाएं हैं।

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