BMC चुनाव के लिए शिंदे ने तैयार किया प्लान, पार्टी नेताओं संग की मीटिंग, जानें क्या हुई बात
Deputy Chief Minister Eknath Shinde ने शाखा प्रमुखों संग बीएमसी चुनाव को लेकर बैठक की। उन्होंने कहा- जमीनी नेतृत्व ही जीत की रीढ़, महायुति का महापौर तय, स्थानीय मुद्दों पर जनता का भरोसा जीतेंगे।
- Written By: आकाश मसने
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Shiv Sena Meeting: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने रविवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं और शाखा प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी का जमीनी नेतृत्व निर्णायक भूमिका निभाएगा।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि नगर निगम चुनावों की घोषणा शीघ्र होने की संभावना है। इसी को देखते हुए शाखा प्रमुखों और पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई। उन्होंने कहा कि शाखा प्रमुख पार्टी की ताकत हैं। वे अपने क्षेत्रों में जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी भूमिका है। चुनाव घोषित होते ही सभी शाखा प्रमुख पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे।
बैठक में शिंदे ने जोर दिया कि शिवसेना का कार्यकर्ता चुनावी जमीनी लड़ाइयों में हमेशा से सक्षम रहा है, चाहे वह लोकसभा हो, विधानसभा हो या नगर निगम चुनाव। उन्होंने कहा कि इस बार भी शाखा प्रमुखों का संकल्प स्पष्ट है कि मुंबई महानगरपालिका में शिवसेना का झंडा फहराया जाए।
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मुंबई में बनेगा महायुति का महापौर
शिंदे ने दावा किया कि आगामी चुनावों में महायुति (शिवसेना-भाजपा-गठबंधन) का महापौर ही मुंबईकरों का नेतृत्व करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि शाखा प्रमुखों और नागरिकों के बीच सीधा संवाद पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और यही जनता का विश्वास जीतने का आधार बनेगा।
बैठक में स्थानीय मुद्दों- जैसे सड़क, पानी, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की पहचान और समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया। शिंदे के मुताबिक, लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान ही शिवसेना की असली पहचान है और यही रणनीति पार्टी को बीएमसी चुनाव में मजबूती प्रदान करेगी।
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बीएमसी चुनाव इस बार शिवसेना (शिंदे गुट) के लिए एक तरह से अग्निपरीक्षा माने जा रहे हैं। भाजपा और महायुति के अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर शिंदे की शिवसेना न केवल राज्य की सत्ता में साझेदारी कर रही है, बल्कि अब मुंबई के स्थानीय प्रशासन पर भी अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश करेगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि बीएमसी चुनाव न केवल मुंबई की राजनीति बल्कि महाराष्ट्र की सत्ता समीकरणों के लिए भी अहम साबित होंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
