

Dawood Ibrahim Mumbai Attack Plot: दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के कारण मुंबई पर मंडरा रहा एक बहुत बड़ा सुरक्षा संकट टल गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुंबई के कुर्ला इलाके का रहने वाला साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान और मुंब्रा का तौकीर रिजवान शेख शामिल हैं, जिन्हें 27 मई को दबोचा गया था। इस गिरोह में देश के भीतर माहौल बिगाड़ने के लिए एक नेपाली नागरिक को भी शामिल किया गया था, जो सीमा पार से दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी और आईएसआई की मदद से मुंबई में बड़े हमले की फिराक में था।
सुरक्षा बलों के हाथ लगे इन संदिग्धों के मोबाइल फोन से बेहद आपत्तिजनक डेटा बरामद हुआ है। इनके फोन से मुंबई के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के वीडियो, पाकिस्तान और दुबई के संदिग्ध नंबरों के साथ की गई चैट्स और कई वॉयस नोट्स जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन संदिग्धों को मुंबई में महत्वपूर्ण स्थानों पर अचानक हथगोले से हमला करने, सुरक्षा बलों पर आत्मघाती घात लगाने और अंधाधुंध गोलीबारी कर दहशत फैलाने के कड़े निर्देश दिए गए थे।
जांच में इस साजिश के पीछे की जो मुख्य वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, मई महीने में बांद्रा के गरीब नगर इलाके में प्रशासन द्वारा एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया था। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय उपद्रवियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई थी, जिसमें 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसी घटना को आधार बनाकर फरार चल रहे हुजैफा नाम के एक शख्स ने स्थानीय युवकों का ब्रेनवॉश किया। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई के वीडियो और तस्वीरें कराची में बैठे अपने आकाओं को भेजीं और कार्रवाई में शामिल अधिकारियों को निशाना बनाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया।
इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार या मास्टरमाइंड कराची में छिपा बैठा कुख्यात अपराधी मुन्ना झिंगड़ा उर्फ सलीम हकीम है। जांच एजेंसियों को पुख्ता संदेह है कि वही पाकिस्तान से इस पूरे ऑपरेशन के लिए फंडिंग और हथियारों की व्यवस्था देख रहा था। गौरतलब है कि मुन्ना झिंगड़ा वही शार्पशूटर है जिसने साल 2000 में बैंकॉक (थाईलैंड) में घुसकर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद उसने थाईलैंड की जेल में करीब 17 साल की लंबी सजा काटी थी और रिहा होने के बाद वह दोबारा दाऊद इब्राहिम के इशारे पर सक्रिय हो गया है।
इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए दिल्ली पुलिस ने इस मॉड्यूल के चार अन्य मुख्य आरोपियों, हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह, मनजीत सिंह और अंग कामी लामा को देश की राजधानी की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। मामले की संवेदनशीलता और देश की सुरक्षा से जुड़े तथ्यों को देखते हुए अदालत ने चारों आरोपियों को सात दिनों की सख्त पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों की रिमांड के दौरान देश के कुछ अन्य राज्यों में छिपे इनके मददगारों और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली वित्तीय मदद के स्रोतों का जल्द ही पर्दाफाश हो जाएगा।