Crime News Mumbai: चेंबूर के होटल में चल रहा था हाथी दांत का सौदा, ₹3.5 करोड़ की खेप के साथ 4 गिरफ्तार

Crime News Mumbai: मुंबई पुलिस ने चेंबूर के एक होटल में छापा मारकर 3.5 करोड़ रुपये के हाथी दांत जब्त किए। आकाश अहीर और संदीप बिडलानी समेत 4 आरोपी गिरफ्तार। पूरी खबर पढ़ें।
Crime News Mumbai: Ivory Racket Busted at Chembur Hotel; 4 Arrested with Consignment Worth ₹3.5 Crore
हाथी के दांत (सोर्स: साेशल मीडिया)
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Elephant Tusk Smuggling: देश की आर्थिक राजधानी में वन्यजीव तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। मुंबई की चेंबूर पुलिस ने ए.सी. रोड (A.C. Road) पर स्थित एक होटल में छापेमारी कर हाथी दांत की तस्करी करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी होटल के कमरे में बैठकर करोड़ों रुपये का सौदा तय कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

होटल के कमरा नंबर 304 में रेड

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर 'लॉजिंग एंड बोर्डिंग' होटल में हाथी दांत बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मंगलवार को होटल पर छापा मारा। पुलिस टीम ने सीधे कमरा नंबर 304 में दबिश दी, जहाँ आरोपी सौदेबाजी (Negotiation) कर रहे थे। मौके से पुलिस ने दो विशाल हाथी दांत बरामद किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ₹3.5 करोड़ आंकी गई है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान निम्नानुसार हुई है:

  • आकाश अहीर (28 वर्ष)
  • संदीप बिडलानी (33 वर्ष)
  • शशांक जंगम (38 वर्ष)
  • दिनेश निवांशी (40 वर्ष)

जब्ती और वजन का विवरण

तस्करों के पास से बरामद किए गए दांतों का वजन काफी अधिक है, जो इस बात का संकेत है कि ये दांत किसी वयस्क हाथी के रहे होंगे।

  • पहला दांत: लगभग 11 किलोग्राम
  • दूसरा दांत: लगभग 20.6 किलोग्राम
  • कुल वजन: 31.6 किलोग्राम

पुलिस ने दांतों के साथ-साथ आरोपियों के पास से अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनसे उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज

महाराष्ट्र वन विभाग ने पुष्टि की है कि बरामद किए गए दांत असली हैं। इसके बाद चेंबूर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन आरोपियों को यह दांत किसने सप्लाई किए थे। क्या यह किसी अंतर्राज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं जो भारत के जंगलों में अवैध शिकार को बढ़ावा दे रहे हैं? पुलिस आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है ताकि इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके।

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