विक्रोली में 500 बेड हॉस्पिटल निर्माण धीमा, 1 साल में एक फ्लोर भी पूरा नहीं, लोगों में नाराजगी

Mumbai News: विक्रोली में 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। एक वर्ष में अब तक एक फ्लोर भी पूरा नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी हैं।
विक्रोली 500 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (pic credit; social media)
विक्रोली 500 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (pic credit; social media)
Published on: 
Updated on: 

500 bed hospital in Vikhroli: विक्रोली पूर्व में महानगर पालिका द्वारा प्रस्तावित 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है। एक वर्ष के बावजूद अस्पताल के लिए केवल खुदाई और प्लिंथ का काम शुरू हुआ है और एक भी फ्लोर अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

स्थानीय लोग इस हॉस्पिटल के बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह हॉस्पिटल विक्रोली, कांजुरमार्ग और भांडुप के लगभग 10 लाख लोगों को फायदा पहुंचाएगा। वर्तमान में लोग राजावाड़ी अस्पताल, सायन या केईएम पर निर्भर हैं।

विक्रोली पूर्व के रमेश चन्द्र ने कहा कि अगर निर्माण इसी तरह चलता रहा तो हॉस्पिटल शुरू होने में कई साल लग सकते हैं। वहीं, कन्नमवार नगर के नीलेश वागुल ने कहा कि इसे जल्द बनाना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को चिकित्सा सुविधाएं समय पर मिल सकें।

बता दें कि विक्रोली पूर्व में कन्नमवार नगर में पहले क्रांतिवीर महात्मा ज्योतिबा फुले हॉस्पिटल था, जिसे जर्जर स्थिति के कारण 2017 में बंद कर दिया गया था। इसके बाद 32,825 वर्ग मीटर की जगह पर 500 बेड के नए हॉस्पिटल का प्रस्ताव आया और निर्माण शुरू हुआ।

इस नए हॉस्पिटल में नियमित चिकित्सा सेवाओं के साथ कार्डियोलॉजी, न्यूरो और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी विशेष सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। स्थानीय लोगों ने अस्पताल को लेकर कई बार आंदोलन और धरना प्रदर्शन किए। 2020 में मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों ने नए अस्पताल के निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रक्रिया में देरी हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की धीमी गति से न केवल उम्मीदों को झटका लगा है बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। अगर कार्य तेज़ नहीं हुआ तो हॉस्पिटल के उद्घाटन में 5 साल से अधिक समय लग सकता है।