शेर की चमड़ी पहनकर भेड़िया...उद्धव पर बरसे शिंदे-फडणवीस, कम ऑन किल मी का दिया जवाब, ठाकरे को बताया बोलबच्चन

महाराष्ट्र में शिवसेना स्थापना दिवस के अवसर पर शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा था। उद्धव के इस बयान के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने जमकर हमला बोला है।
महाराष्ट्र में शिवसेना स्थापना दिवस के अवसर पर शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा था। उद्धव के इस बयान के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने जमकर हमला बोला है।
देवेंद्र फडणवीस-उद्धव ठाकरे-एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

मुंबई: शिवसेना स्थापना दिवस पर शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी को चेताया था। शिवसेना के वार्षिकोत्सव में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सीधा संकेत दिया कि, ‘अगर वार करना है तो सामने से करो, मैं लड़ने के लिए तैयार हूं।’ यह वार्षिकोत्सव सभी शिवसैनिकों का पारिवारिक उत्सव है।

उद्धव ठाकरे के इस बयान पर सियासत गरमा गई। उद्धव ठाकरे के इस बयान पर अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हमला बोला है। उन्होंने ठाकरे को बच्चन कहा और तंज कसा। फडणवीस से उद्धव के "कम ऑन किल मी" बयान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "मैं बोल बच्चन का जवाब नहीं देता, वह बोल बच्चन हैं।" मैं बोल बच्चन जैसे लोगों को जवाब नहीं देता। मैं कुछ नहीं बोलूंगा ऐसे लोगों पर।

एकना शिंदे ने किया पलटवार

इससे पहले एकनाथ शिंदे ने भी उद्धव ठाकरे पर तंज तसा और कहा, मुझे पता चला कि भाषण में उद्धव ने कहा कि 'कम ऑन किल मी' शायद वो कोई अंग्रेजी फिल्म देख कर आए होंगे। एकनाथ शिंदे ने कहा कि वो छुट्टी मनाने के लिए लंदन गए थे। मुझे ये कहना है कि मरे हुए को और क्या मारना है। शिंदे ने कहा कि उद्धव बोल रहे है कि मारने आओगे तो एंबुलेंस लेकर आना क्योंकि एंबुलेंस से ही वापस जाओगे। एक बात याद रखो शेर की चमड़ी पहनकर भेड़िया शेर नहीं बनता। महायुति को चाहिए राज का साथ, चुनाव में शिंदे-फडणवीस का बटाएंगे हाथ? सियासी माहौल हुआ गर्म

कांग्रेस की दया से जीती यूबीटी

शिवसेना स्थापना दिवस पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "आप आरएसएस जैसे देशभक्त संगठन की तुलना पीएफआई जैसे देशद्रोही समूह से कर रहे हैं, यह कैसा हिंदुत्व है? कभी आप हिंदुत्व से जुड़ते हैं, कभी आप इसे छोड़ देते हैं; यह काम नहीं करता। जनता समझदार है। उन्होंने विधानसभा चुनावों में अपना फैसला पहले ही दे दिया है। जहां भी आप जीते, वह बहुत कम अंतर से था, और बाकी सब कांग्रेस की दया के कारण था"

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com