

Sanjay Raut on Cockroach Janta Party: देश भर में नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में लटक गया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा जंतर-मंतर पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। संजय राउत ने इस पहल का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि देश में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि इस राष्ट्रीय मुद्दे पर देश के कोने-कोने में स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन नहीं हुए, बल्कि सच यह है कि सरकार ने अपनी पूरी प्रशासनिक ताकत झोंककर इन आवाजों को दबाने और कुचलने का लगातार प्रयास किया है।
सांसद राउत ने कहा कि आज देश का युवा वर्ग अपनी शिक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह से सड़कों पर उतर आया है और वह इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
संजय राउत ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश के हजारों और लाखों पीड़ित युवा दिल्ली की सड़कों पर उतरकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की आवाज बुलंद करेंगे। राउत ने सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि नरेंद्र मोदी इस पेपर लीक कांड के बाद भी अपने मंत्री से इस्तीफा नहीं लेते हैं, तो उन्हें देश के सामने 'स्वच्छ और पारदर्शी शासन' की बड़ी-बड़ी बातें करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की सुरक्षा और इस बड़े आंदोलन की कानून व्यवस्था संभालना सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी जिम्मेदारी बनती है।
संजय राउत ने महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों के युवाओं से इस ऐतिहासिक आंदोलन में बढ़-चढ़कर शामिल होने और देश के लोकतंत्र की रक्षा करने का खुला आह्वान किया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस आंदोलन में केवल निडर और साहसी युवा ही दिल्ली पहुंचेंगे, सत्यजीत तांबे जैसे लोग वहां कभी नहीं जाएंगे। राउत के अनुसार, आज का युवा जाग चुका है और वह सरकार की जेलों या पुलिस की गिरफ्तारियों से बिल्कुल भी नहीं डरता है। उन्होंने चेतावनी दी कि सिर्फ भाजपा के कुछ भी अनाप-शनाप कह देने से विपक्ष का काम और यह छात्र आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि आने वाले समय में जनता खुद चप्पल और लाठियां लेकर इनके पीछे दौड़ेगी।
इस बड़े जंतर-मंतर प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए देश के विभिन्न सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियां तैयार कर ली हैं। संजय राउत ने बताया कि विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख दलों ने इस छात्र आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की है। इस सिलसिले में कई राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने जहां व्यक्तिगत रूप से दिल्ली में मौजूद रहने की पुष्टि की है, वहीं कुछ अन्य दलों ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का हिस्सा बनने की बात कही है। राउत ने भरोसा जताया कि यदि यह प्रदर्शन पूरी तरह सफल रहता है, तो अहंकारी सरकार को मजबूरन झुकना ही होगा।