

Chhatrapati Sambhajinagar School Stabbing: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के छावनी क्षेत्र से शिक्षा जगत को शर्मसार और हैरान कर देने वाली एक बेहद हिंसक घटना सामने आई है। यहां के एक प्रतिष्ठित स्कूल में ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) लेने आए एक नाबालिग छात्र ने अपने ही क्लास टीचर पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लहूलुहान हालत में स्कूल स्टाफ द्वारा तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस वारदात के बाद स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हमलावर छात्र को हथियार सहित हिरासत में ले लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नाबालिग छात्र स्कूल से अपना ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) निकलवाने के लिए आया था। स्कूल में पढ़ाई के दौरान भी इस छात्र का अपने क्लास टीचर के साथ कुछ मुद्दों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था और वह उनसे काफी नाराज था। आज जब वह टीसी लेने काउंटर पर पहुंचा, तो किसी बात को लेकर दोनों के बीच एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते इस पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गुस्से में आकर छात्र ने अपने बैग से पहले से छिपाकर रखा हुआ धारदार चाकू निकाला और शिक्षक के पेट और हाथों पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की शुरुआती पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हिरासत में लिए गए नाबालिग छात्र ने कबूल किया है कि उसने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू कुछ दिनों पहले ही एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से ऑर्डर करके मंगाया था। पुलिस अब इस बिंदु की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या छात्र इस हमले की योजना काफी समय से बना रहा था और क्या उसके माता-पिता या स्कूल प्रशासन को छात्र के पास घातक हथियार होने की जरा भी भनक थी। पुलिस ने छात्र के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे बाल सुधार गृह भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस खूनी संघर्ष के बाद स्कूल के अन्य छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में भारी डर और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्कूल परिसर के भीतर और बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया है।
दूसरी तरफ, स्कूल प्रबंधन ने इस सुरक्षा चूक को लेकर एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें स्कूल के मुख्य गेट पर छात्रों के बैग की चेकिंग और सुरक्षा गार्डों की मुस्तैदी को और अधिक कड़ा करने का फैसला लिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, घायल शिक्षक के शरीर पर गहरे जख्म आए हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और वे खतरे से बाहर हैं।